नज़्म-ए-बहार: सीज़न 2
Duration
0hr 33m
Language
Urdu
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Category
Urdu Shows
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1 - नज़ीर अकबराबादी -बचपन
05 min 28 sec
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2 - नवाब मिर्ज़ा खान -दाग़
05 min 41 sec
1
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3 - जिगर मुरादाबादी
03 min 03 sec
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4 - जाँनिसार अख्तर
03 min 14 sec
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5 - ख़्वाजा मीर दर्द
03 min 07 sec
1
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6 - मीर तक़ी मीर
03 min 07 sec
0
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7 - नासिर काज़मी
02 min 43 sec
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8 - निदा फ़ाज़ली
03 min 46 sec
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9 - ज़फर गोरखपुरी
02 min 54 sec
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नज़्म-ए-बहार: सीज़न 2
About Show
| Episodes | Duration | |||
1 . नज़ीर अकबराबादी -बचपननज़्म-ए-बहार के इस एपिसोड में सुनिए शायर 'नज़ीर अकबराबादी' द्वारा लिखित एक सुंदर नज़्म जिसका नाम है 'बचपन'। More | 05 min 28 sec | |||
2 . नवाब मिर्ज़ा खान -दाग़नज़्म- ए-बहार के इस एपिसोड में सुनिए शायर 'नवाब मिर्ज़ा खान' द्वारा लिखित एक सुंदर नज़्म जिसका नाम है 'दाग़'। More | 05 min 41 sec | |||
3 . जिगर मुरादाबादीनज़्म-ए-बहार के इस एपिसोड में सुनिए शायर 'जिगर मुरादाबादी' साहब द्वारा लिखित एक सुंदर नज़्म जिसका नाम है ''दुनिया के सितम याद ना अपनी ही वफ़ा याद''। More | 03 min 03 sec | |||
4 . जाँनिसार अख्तरनज़्म-ए-बहार के इस एपिसोड में सुनिए शायर 'जाँनिसार अख्तर' द्वारा लिखित एक सुंदर नज़्म जिसका नाम है ''अच्छा है उन से कोई तक़ाज़ा किया ना जाए''। More | 03 min 14 sec | |||
5 . ख़्वाजा मीर दर्दनज़्म-ए-बहार के इस एपिसोड में सुनिए शायर 'ख़्वाजा मीर दर्द' द्वारा लिखित एक सुंदर नज़्म जिसका नाम है ''जग में आकर इधर उधर देखा''। More | 03 min 07 sec | |||
6 . मीर तक़ी मीरनज़्म-ए-बहार के इस एपिसोड में सुनिए शायर 'मीर तक़ी मीर' द्वारा लिखित एक सुंदर नज़्म जिसका नाम है 'फ़क़ीराना आए सदा कर चले '। More | 03 min 07 sec | |||
7 . नासिर काज़मीनज़्म-ए-बहार के इस एपिसोड में सुनिए शायर 'नासिर काज़मी' साहब द्वारा लिखित एक सुंदर नज़्म जिसका नाम है 'मैं जब तेरे घर पहुंचा था '। More | 02 min 43 sec | |||
8 . निदा फ़ाज़लीनज़्म-ए-बहार के इस एपिसोड में सुनिए शायर 'निदा फ़ाज़ली' द्वारा लिखित एक सुंदर नज़्म जिसका नाम है 'कभी किसी को मुकम्मल जहान नहीं मिलता '। More | 03 min 46 sec | |||
9 . ज़फर गोरखपुरीनज़्म-ए-बहार के इस एपिसोड में सुनिए शायर 'ज़फर गोरखपुरी ' साहब द्वारा लिखित एक सुंदर नज़्म जिसका नाम है 'एक शख्श'। More | 02 min 54 sec |
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