ओ वुमनिया!
Duration
5hr 34m
Language
Hindi
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1 - ट्रेलर
01 min 51 sec
15
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2 - रितु राठी
39 min 02 sec
5
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3 - आशना श्रॉफ
35 min 37 sec
2
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4 - आनंदी चंद्रशेखर
26 min 34 sec
2
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5 - डीजे पारोमा
29 min 40 sec
2
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6 - शतबी बासु
40 min 38 sec
2
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7 - सुपर्णा सरकार
28 min 13 sec
1
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8 - अनुजा कपूर
31 min 14 sec
3
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9 - विराली मोदी
38 min 41 sec
3
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10 - प्रतीक्षा दास
26 min 35 sec
1
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ओ वुमनिया!
About Show
| Episodes | Duration | |||
1 . ट्रेलरओ वुमनिया!' हमारे इस शो में हम आपकी मुलाक़ात करवाएंगे, कुछ ऐसी महिलाओं से जिन्होंने अपने जीवन में सशक्त होकर, आत्मनिर्भरता और काबिलियत की दम पर अपनी एक अलग पहचान बनाई है। उन सभी के सफर को सुन आप भी प्रेरित हो उठेंगे। More | 01 min 51 sec | |||
2 . रितु राठीरितु राठी पेशे से एक पायलट, एक लोकप्रिय ब्लॉगर, एक सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर और एक एंटरटेनिंग युट्यूबर हैं। वे सबसे ज़्यादा मशहूर अपने यूट्यूब चैनल 'फ़्लाइंग बीस्ट' के लिए हैं, वे अपने पति गौरव तनेजा के साथ मिलकर चलाती हैं। इस चैनल पर वे अपने फिटनेस, फैमिली, पर्सनल लाइफ और ट्रेवल व्लॉगस पोस्ट करती हैं। उनके तीन मिलियन से भी ज़्यादा सब्सक्राइबर्स हैं। ३० वर्षीय रितु राठी का जन्म गुरुग्राम में हुआ था और उन्होंने सेंट स्टीफन कॉलेज से केमिस्ट्री में डिग्री ली थी। दरअसल उनके किसी दोस्त ने उन्हें पायलट बनने का सुझाव दिया, वे कहती हैं कि हरियाणा इस लड़की ने सभी स्टीरोटाइप्स को बदल कर रख दिया। आज वे उस क्षेत्र में पैदा हुई न जाने कितनी लड़कियों के लिए एक प्रेरणा बन चुकी हैं। आइये, सुनें उनकी कहनी उनकी ज़ुबानी। More | 39 min 02 sec | |||
3 . आशना श्रॉफआशना श्रॉफ ने कई मुश्किलों का सामना करके बतौर मॉडल अपना करियर शुरू किया। शर्मीली और खुद में गुमसुम होने के कारण, उन्हें हमेशा लोगों के सामने अपने आप को एक्सप्रेस करने में मुश्किल होती रही। लेकिन जैसे-जैसे समय बीतता गया, उन्होंने अपने में बदलाव लाने की कोशिश की और एक पब्लिक फिगर और मॉडल बनकर दुनिया के सामने आई। वे बताती हैं की ऐसा परिवर्तन लाने के लिए बहुत साहस की ज़रूरत होती है। वे अपने सफर के बारे में सबको बताकर युवाओं को प्रेरित करने की इच्छा रखती है। वे इस समय भारत की सबसे प्रसिद्ध फैशन, ट्रेवल और लाइफस्टाइल ब्लॉगर है। उन्हें बहुत कम समय में ही अपने काम के लिए राष्ट्रीय और अंतराष्ट्रीय स्तर अवॉर्ड्स मिले हैं। More | 35 min 37 sec | |||
4 . आनंदी चंद्रशेखरआनंदी चंद्रशेखर भारत के सबसे प्रसिद्ध अखबारों में से एक, 'द इकोनॉमिक टाइम्स' में सीनियर कोरेस्पोंडेंट के पद अपना योगदान देती है। आनंदी ने आज तक पत्रकारिता की दुनिया में अपने बेहतरीन काम के लिए कई उपलब्धियां प्राप्त की है। 'द इकोनॉमिक टाइम्स' से पहले वे 'ईशा फाउंडेशन' के लिए बतौर न्यूज़लेटर स्पेशलिस्ट और 'फ्रॉस्ट एंड सविल्यन' के लिए बतौर पत्रकार काम कर चुकी है। आनंदी की ख़ासियत, इंडियन मार्केट्स के बारे में लिखना है। More | 26 min 34 sec | |||
5 . डीजे पारोमामुंबई, महाराष्ट्र की प्रसिद्द फीमेल डीजे, डीजे पारोमा क्लबिंग और पार्टिंग का बहुत शौक है। डीजे होने के नाते उन्हें अपनी नाइटलाइफ़ को पूरी तरह से एन्जॉय करने का मौका मिला। पारोमा ने अपने करियर की शुरुआत 18 साल की उम्र में बतौर एयरहोस्टेस की थी। अपने इसी पेशे के चलते उन्हें दुनिया भर में घूमने का मौक़ा मिला और विभिन्न प्रकार के क्लब्स और म्यूज़िक में उनकी रूचि बढ़ी। इसके बाद, उन्होंने फैसला लिया कि आगे जीवन में अब वे डीजे बनेंगी और उन्हें विश्वास था कि वे उसमें सफल होंगी। डीजे पारोमा, आज दुनिया भर में अपने बेहतरीन काम के लिए जानी जाती है। More | 29 min 40 sec | |||
6 . शतबी बासुशतबी ने ऐसे समय में होटल इंडस्ट्री अपने करियर की शुरुआत की जब होटल मैनेजमेंट के कोर्सेस इतने मशहूर नहीं थे। एक बार उन्होंने फ़ूड इंडस्ट्री में बतौर शेफ काम करना शुरू किया। लेकिन, उसमें मज़ा ना आने के कारण, उन्होंने जल्द ही वह काम छोड़ भी दिया। जिसके बाद उन्होंने बहुत जगह काम ढूंढने की कोशिश की। एक बार एक होटल के मैनेजर ने उन्हें सुझाव दिया कि उन्हें बार को मैनेज करना चाहिए। इसके बाद, शतबी ने इसके बारे में पढ़ना शुरू किया और इस क्षेत्र में उनकी रूचि बढ़ने लगी। तभी से उन्होंने इस क्षेत्र में काम करना शुरू कर दिया। शतबी ने भारत और विदेश में कई ' बार ' डिज़ाइन किए हैं और वे ' स्टार ' नामक भारत की पहली और एकमात्र बार्टनिंग अकेडमी चलाती हैं। More | 40 min 38 sec | |||
7 . सुपर्णा सरकारसुपर्णा सरकार ने अपने ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी करने के बाद एक सॉफ्टवेयर प्रोफेशनल के रूप में अपने करियर की शुरुआत की। लेकिन जल्द ही उन्हें यह एहसास हो गया था कि उसकी असल दिलचस्पी मोटरसायक्लिंग में ही है। अपनी 9 से 5 की नौकरी को छोड़कर, सुपर्णा ने एक मोटरसाइकिल प्रशिक्षक बनने और दूसरों को सिखाने का निर्णय लिया। इस एपिसोड में सुपर्णा एक अनकंवेंशनल करियर को चुनने और सभी स्टीरियोटाइप्स को तोड़ने के बारे में बात करती हैं। More | 28 min 13 sec | |||
8 . अनुजा कपूरअनुजा कपूर एक सुप्रीम कोर्ट लॉयर, सोशल एक्टिविस्ट और क्रिमिनल सायकोलॉजिस्ट हैं। वे सायकोलोजी और काउन्सलिंग में विशेषज्ञता रखती हैं। दिल्ली यूनिवर्सिटी की छात्रा रही अनुजा बहुत से नामचीन न्यूज़ चैनल्स, अख़बार और मैगज़ीन्स के साथ महिला सशक्तिकरण, बलात्कार या समाज में हो रही अन्य हिंसा पर बात कर चुकी हैं। वे पिछले बारह सालों से अलग-अलग प्रकार के लोगों की मानसिकता और व्यवहार की जांच करती आ रही हैं। आज अनुजा कपूर, क्रिमिनल सायकोलोजी और अपने ज्ञान और अनुभव से जुड़ी कुछ अमूल्य बातें आप सभी के लिए लेकर आई हैं। More | 31 min 14 sec | |||
9 . विराली मोदीडिसेबिलिटि राइट्स की एडवोकेट, पूर्व मिस इंडिया व्हीलचेयर की रनर अप, एक मोटिवेशनल स्पीकर और एक प्रकाशित लेखक विराली मोदी बताती हैं कि कैसे उनके जीवन में चमत्कार हुआ और वह दो बार मौत को छू कर वापस आई। वह सबको प्रेरित करते हुए यही कहती हैं कि इंसान को कभी भी अपनी बाहरी परिस्थितियों के कारण जीवन में लड़खड़ाना नहीं चाहिए। बल्कि दृढ़ और शांत मन से हर मुश्किल का सामना करना चाहिए। दस साल पहले, एक बहुत बड़ी दुर्घटना के कारण विराली का जीवन खत्म होने की कगार पर था। वे कोमा में थी, वेंटिलेटर पर थी। सब उम्मीद छोड़ चुके थे। लेकिन वो वापस आईं और वो भी एक चमत्कारिक रूप से। इसके बाद उनके जीवन ने एक नई राह पकड़ी और वे दुनिया के सामने एक सफल और प्रेरणादायक महिला बनकर आईं। आज हम विराली के जीवन की इसी प्रेरक और खूबसूरत सफर के बारे में जानेंगे। More | 38 min 41 sec | |||
10 . प्रतीक्षा दासमुंबई में जीवन बिताने वाली 24 साल की प्रतीक्षा दास की आजकल हर जगह पर चर्चाएं हो रही है। वो मुंबई की पहली महिला हैं, जिन्हें सड़क पर बस चलाने का लाइसेंस मिला। ऑटोमोबाइल इंजीनियरिंग करने के बाद प्रतीक्षा, रीजनल ट्रांसपोर्ट ऑफिसर बनना चाहती थीं, जिसके लिए उनको वजन वाली गाड़ियां ड्राइव करनी थी। इसके लिए उन्होंने गोरेगांव बस डिपो में प्रशिक्षण लिया। बेस्ट बस चलाने हेतु उनको प्रशिक्षण लेना पड़ा। उन्होंने सबसे पहले बाइक, फिर बड़ी कारें और फिर बस और ट्रक डाइव की। प्रतीक्षा का कहना है कि प्रशिक्षण के दौरान उनके ट्रेनर्स, तनाव में रहते थे कि एक महिला किस तरह बस चला सकती है। 30 दिन में उन्होंने बेसिक से लेकर एडवांस लेवल तक प्रशिक्षण किया। पहले दिन प्रतीक्षा ने पहले गेयर पर बस चलाई एवं दूसरे दिन इस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे पर 16 किलोमीटर तक गाड़ी चलाई। लोग उन्हें देखकर घूरते ही रहते थे। लेकिन सबको अनदेखा कर बस अपनी ड्राइविंग पर फोकस करती थीं। More | 26 min 35 sec |
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