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रूबरू

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1hr 14m

Language

Urdu

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Category

Urdu Shows

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आवाज़ उर्दू में शेरो शायरी और अदबी महफ़िल के नए शोज़ हमने बनाये और आप लोगों ने उन्हें मोहब्बत से भी खूब नवाज़ा। इसी कड़ी में हम पेश करने जा रहे हैं एक और ऐसा शो, जिसका नाम है - रूबरू। इस शो में हम जिक्र करेंगे उर्दू के मशहूर शायरों और लेखकों का और हम आपको बताएंगे उर्दू अदब की दुनिया में किये गए काम के बारे में। हम जानेंगे ऐसे ही 10 अज़ीम फनकारों के बारे में, तो चलिए सुनते हैं हमारा शो '' रूबरू ''।

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अदा जाफ़री

1 - अदा जाफ़री

06 min 28 sec

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क़ुरेतलन हैदर

2 - क़ुरेतलन हैदर

08 min 07 sec

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इस्मत चुग़ताई

3 - इस्मत चुग़ताई

07 min 38 sec

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साहिर लुधियानवी

4 - साहिर लुधियानवी

10 min 52 sec

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क़ुदसिया बेगम

5 - क़ुदसिया बेगम

05 min 23 sec

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फ़हमीदा रियाज़

6 - फ़हमीदा रियाज़

08 min 09 sec

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फ़िराक़ गोरखपुरी

7 - फ़िराक़ गोरखपुरी

08 min 12 sec

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इब्न ए इंशा

8 - इब्न ए इंशा

05 min 14 sec

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नैयर मसूद

9 - नैयर मसूद

06 min 39 sec

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शम्सुर रहमान फ़ारूक़ी

10 - शम्सुर रहमान फ़ारूक़ी

07 min 24 sec

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रूबरू

Urdu Shows|Urdu|10 Episodes
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आवाज़ उर्दू में शेरो शायरी और अदबी महफ़िल के नए शोज़ हमने बनाये और आप लोगों ने उन्हें मोहब्बत से भी खूब नवाज़ा। इसी कड़ी में हम पेश करने जा रहे हैं एक और ऐसा शो, जिसका नाम है - रूबरू। इस शो में हम जिक्र करेंगे उर्दू के मशहूर शायरों और लेखकों का और हम आपको बताएंगे उर्दू अदब की दुनिया में किये गए काम के बारे में। हम जानेंगे ऐसे ही 10 अज़ीम फनकारों के बारे में, तो चलिए सुनते हैं हमारा शो '' रूबरू ''।

EpisodesDuration
अदा जाफ़री

1 . अदा जाफ़री

"दोस्तों, इस एपिसोड में हम जिक्र करेंगे, अदा जाफ़री का। जदीद शेर-ओ-अदब के निर्माताओं में अदा जाफ़री एक ग़ैरमामूली जगह की मालिक हैं । उनको उर्दू शायरी की ख़ातून अव़्वल कहा जाता है क्योंकि उनकी शायरी ने बीसवीं सदी की मध्य दशक में मार्ग दर्शन और रहनुमाई के संदर्भ में उर्दू की शायरात के हक़ में वही किरदार अदा किया जो अठारहवीं सदी में वली दकनी ने आम शायरों के हक़ में अदा किया था। उन्होंने अपने बाद आने वाली शायरात किश्वर नाहीद, परवीन शाकिर और फ़हमीदा रियाज़ वग़ैरा के लिए शायरी का वो रास्ता हमवार किया जिस पर चल कर उन लोगों ने उर्दू में ख़वातीन की शायरी को दुनिया मानक तक पहुंचाया।"

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06 min 28 sec

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क़ुरेतलन हैदर

2 . क़ुरेतलन हैदर

"दोस्तों, इस एपिसोड में हम जिक्र करेंगे कुर्अतुल ऐन हैदर जी का। क़ुर्रतुलैन हैदर पाकिस्तान के एक मशहूर उर्दू कथा लेखक, उपन्यासकार, लघु कथा लेखक और पत्रकार थे। उनका मैग्नम ओपस ‘आग का दरिया’ था । जो एक प्रसिद्ध उर्दू कथा उपन्यास था। 1959 में लाहौर से प्रकाशित हुआ था। वो एक उपन्यासकार और लघु कथाकार होने के नाते उर्दू साहित्य को प्रभावित करते हैं। वह अविभाजित ब्रिटिश भारत के उत्तर प्रदेश के एक साहित्यिक परिवार से ताल्लुक रखती थीं। उनके प्रभावशाली लेखन कौशल के कारण उनके प्रशंसक और मित्र उन्हें 'आइने आपा' के नाम से जानते थे।"

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08 min 07 sec

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इस्मत चुग़ताई

3 . इस्मत चुग़ताई

"दोस्तों, इस एपिसोड में हम जिक्र करेंगे इस्मत चुग़ताई जी का। उनको सआदत हसन मंटो, राजिंदर सिंह बेदी और कृश्न चंदर के साथ आधुनिक उर्दू फ़िक्शन का चौथा सतून माना जाता है। बदनामी और शोहरत, विवाद और लोकप्रियता के एतबार से वो उर्दू की किसी भी अफ़साना निगार से आगे, अद्वितीय और मुमताज़ हैं। उनकी शख़्सियत और उनका लेखन एक दूसरे का पूरक हैं और जो बग़ावत, अवज्ञा, सहनुभूति, मासूमियत, ईमानदारी, अल्हड़पन और शगुफ़्ता अक्खड़पन से इबारत है।"

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07 min 38 sec

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साहिर लुधियानवी

4 . साहिर लुधियानवी

"दोस्तों, इस एपिसोड में हम जिक्र करेंगे साहिर लुधियानवी जी का। वो एक मशहूर फिल्म गीतकार, कवि थे। कॉलेज में अपनी गजलों – नज्मों के लिए चर्चित थे। उन्होंने कई हिट बॉलीवुड गीत जैसे “तू हिन्दू बनेगा ना मुसलमान बनेगा”, “अल्लाह तेरो नाम ईश्वर तेरो नाम”, “मैं पल दो पल का शायर हूँ”, “चलो एक बार फिर से अजनबी बन जाएं हम दोनों”, ” कभी-कभी मेरे दिल में”, “ऐ मेरी ज़ोहराजबीं”, “मेरे दिल में आज क्या है”, “अभी न जाओ छोड़कर”, इत्यादि लिखे। उनकी प्रमुख फिल्मों में कभी कभी, प्यासा, ताजमहल, नौजवान आदि थी।"

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10 min 52 sec

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क़ुदसिया बेगम

5 . क़ुदसिया बेगम

"दोस्तों, इस एपिसोड में हम जिक्र करेंगे क़ुदसिया बेगम जी का। वो एक ड्रामा निगार, लेखिका और सामाजिक कार्यकर्ता थीं। उन्होंने बच्चों और बड़ों के लिए बेशुमार किताबें लिखी हैं। एक थेटर प्रैक्टिशनर के तौर पर, उन्होंने अभिनेताओं और नाटककारों की कई पीढ़ियों को प्रभावित किया। वो आज़ादी के दौर में थेटर की पहली ख़वातीन में से एक थीं जिन्होंने विभिन्न माध्यमों से कला में अपना हिस्सा डाला। हर उम्र के फ़नकारों के लिए वो एक प्रेरणा, निडर, आत्मविश्वास और प्रतिभाशाली थीं। उनकी मौत के इतने बरस बाद भी उन्हें उनके ड्रामों और किताबों के ज़रिये मनाया जाता है। "

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05 min 23 sec

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फ़हमीदा रियाज़

6 . फ़हमीदा रियाज़

"दोस्तों, इस एपिसोड में हम जिक्र करेंगे फ़हमीदा रियाज़ जी का। वो पाकिस्तान की ख़ातून शायरा और उर्दू लेखिका थीं, जो अपने मज़बूत नारीवादी और सत्ता-विरोधी झुकाव के लिए मशहूर थीं। उन्होंने बहुत छोटी उम्र में ही लिखना शुरू कर दिया, आवाज़ के नाम से अपनी उर्दू प्रकाशन चलाया। फहमीदा जी ने गोदावरी, खट्ट-ए-मर्मुज, खाना-ए-आब-ओ -गिल, पत्थर की ज़बान, धूप, बदन दरिदा, कराची, अधूरा आदमी, खुले दरीचे से, कफ़ले परिंदों के, गुलाबी कबूतर आदि कई किताबें लिखीं।"

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08 min 09 sec

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फ़िराक़ गोरखपुरी

7 . फ़िराक़ गोरखपुरी

"दोस्तों, इस एपिसोड में हम जिक्र करेंगे फ़िराक़ गोरखपुरी का। उनका जन्म उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में हुआ था। रईसों के परिवार में जन्मे, फ़िराक़ को बहुत कम उम्र में ही उर्दू शायरी का स्वाद चख लिया था। उन्होंने किशोरावस्था में ही उर्दू में कविता लिखना शुरू कर दिया था और साहिर, इकबाल, फैज़ और कैफी जैसे लोगों द्वारा चिह्नित एक युग में अपनी खुद की जगह बना ली थी। फ़िराक़ जी के बारे में और जानने के लिए, सुनते हैं ये एपिसोड। "

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08 min 12 sec

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इब्न ए इंशा

8 . इब्न ए इंशा

"दोस्तों, इस एपिसोड में हम जिक्र करेंगे इब्न ए इंशा जी का। उनका असली नाम शेर मुहम्मद खान था। उर्दू दुनिया में उन्हें इब्न ए इंशा के नाम से जाना जाता है। उनका जन्म पंजाब के जालंधर जिले की फिल्लौर तहसील में हुआ था। उनके वालिद राजस्थान के रहने वाले थे। इब्न ए इंशा एक मशहूर पाकिस्तानी उर्दू कवि और स्तंभकार थे।अपनी शायरी के साथ साथ उनका शुमार उर्दू के बेहतरीन मज़ाह निगारों में होता था। वो रेडियो पाकिस्तान, संस्कृति मंत्रालय और पाकिस्तान के राष्ट्रीय पुस्तक केंद्र सहित विभिन्न सरकारी सेवाओं से जुड़े थे। उन्होंने कुछ अरसा संयुक्त राष्ट्र में भी ख़िदमात अंजाम दिए और इस की वजह से वो बहुत सी जगहों पर जा सके और उनके बाद के सफ़रनामों की वजह बने। इंशा को हबीबुल्लाह ग़ज़नफ़र अमरोहवी, डॉ. ग़ुलाम मुस्तफ़ा ख़ान और डॉ. अब्दुल कय्यूम जैसे गुरु मिले। "

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05 min 14 sec

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नैयर मसूद

9 . नैयर मसूद

"दोस्तों, इस एपिसोड में हम जिक्र करेंगे नैयर मसूद जी का। वो लखनवी की ज़िंदगी और इस ज़माने के रिवायती रस्म-ओ-रिवाज की अफ़सानवी दास्तानें लिखने के लिए मशहूर थे। तो चलिए इस एपिसोड में और भी बहुत कुछ बातें उनके बारे में जानते है। "

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06 min 39 sec

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शम्सुर रहमान फ़ारूक़ी

10 . शम्सुर रहमान फ़ारूक़ी

"दोस्तों, इस एपिसोड में हम जिक्र करेंगे शम्सुर रहमान फ़ारूक़ी जी का। वो एक हिन्दुस्तानी उर्दू शायर, अदीब, नक़्क़ाद और नज़रिया निगार थे। वो उर्दू अदब में जदीदीयत लाने के लिए जाने जाते हैं। तो चलिए इस एपिसोड में और भी बहुत कुछ बातें उनके बारे में जानते हैं। "

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07 min 24 sec

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