सिंदबाद का सफरनामा: सीजन 1
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0hr 56m
Language
Urdu
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Entertainment
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1 - शहरजाद और शाहजमाँ की कहानी
08 min 10 sec
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2 - सिंदबाज जहाजी की कहानी- आरंभ
03 min 07 sec
0
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3 - सिंदबाद जहाजी की पहली यात्रा
06 min 25 sec
1
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4 - सिंदबाद जहाजी की दूसरी यात्रा - भाग १
04 min 44 sec
1
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5 - सिंदबाद जहाजी की दूसरी यात्रा- भाग २
05 min 36 sec
1
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6 - सिंदबाद जहाजी की तीसरी यात्रा- भाग १
04 min 35 sec
0
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7 - सिंदबाद जहाजी की तीसरी यात्रा- भाग २
05 min 22 sec
1
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8 - सिंदबाद जहाजी की चौथी यात्रा
08 min 26 sec
2
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9 - सिंदबाद जहाजी की पाँचवी यात्रा- भाग १
04 min 42 sec
2
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10 - सिंदबाद जहाजी की पाँचवी यात्रा- भाग २
05 min 19 sec
2
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सिंदबाद का सफरनामा: सीजन 1
About Show
| Episodes | Duration | |||
1 . शहरजाद और शाहजमाँ की कहानी"सिंदबाद की कहानियां बेहद मशहूर अरबी उपन्यास अलिफ लैला का हिस्सा हैं। अलिफ लैला में फारस का बादशाह शाहजमां, अपनी बेगम की बेवफाई की वजह से नाराज हो जाता है और रोज रात को एक औरत से निकाह कर, उसे क़त्ल कर देता था। उसके इस जुल्म को रोकने का जिम्मा शहरजाद नाम की एक लड़की उठाती है। निकाह की पहली ही रात से वह बादशाह को किस्सा सुनाना शुरू करती है और सुबह किस्से को ऐसे मोड़ पर छोड़ देती है कि बादशाह उसका कत्ल नहीं कर पाता है। ऐसे ही कहानियों का सिलसिला शुरू हो जाता है और शहरजाद के लिए बादशाह के मन में मोहब्बत पैदा हो जाती है। " More | 08 min 10 sec | |||
2 . सिंदबाज जहाजी की कहानी- आरंभ"खलीफा हारूँ रशीद के शासन काल में एक गरीब मजदूर रहता था जिसका नाम हिंदबाद था। वह यात्रा करते हुए एक बेहद खूबसूरत मकान के पास पहुँचता है और वहां बैठे बैठे वह खुद की तुलना उस मकान मालिक के ज़िंदगी से करता है। और अपने आप को बदकिस्मत सोच कर दुखी होता है। उसकी बातें मकान मालिक सिंदबाद सुन लेता है और अपने नौकर से कह कर उसे मकान के अंदर बुलवाता है। जानते है, इस एपिसोड में आगे क्या होता है। " More | 03 min 07 sec | |||
3 . सिंदबाद जहाजी की पहली यात्रा"अपने पिता के छोड़े गए संपत्ति को खर्च ने के बाद सिंदबाद, एक व्यापारी के रूप में अपने धन को फिर से बनाने का फैसला करता है। वह अन्य व्यापारियों के साथ जहाज पर चढ़ता है और अपनी पहली यात्रा के लिए रवाना हो जाता है। यात्रा करते हुए वे सब एक द्वीप पर पहुँचते हैं, जो की एक आराम कर रही व्हेल होती है, जिस पर पेड़ उग आए थे। नाविक व्हेल को द्वीप समझकर खुद को गर्म रखने के लिए उस पर एक छोटी सी आग लगाते हैं तब सोई हुई व्हेल जाग जाती है। जानते है, इस एपिसोड में आगे क्या हुआ सिंदबाद के पहली यात्रा में। " More | 06 min 25 sec | |||
4 . सिंदबाद जहाजी की दूसरी यात्रा - भाग १"अपनी पहली यात्रा के बाद सिंदबाद अब अपनी दूसरी यात्रा के लिए निकल जाता है। लेकिन इस बार उसका जहाज एक हरे-भरे द्वीप के तट से आ लगता है। उस द्वीप में सुंदर और मीठे फलों के बहुत से वृक्ष थे। सभी नाविक उस द्वीप पर सैर के लिए उतर जाते हैं। लेकिन वहाँ किसी मनुष्य का नामोनिशान भी नहीं होता, बल्कि कोई पक्षी भी दिखाई नहीं देता। तो चलिए दोस्तों, सुनते हैं इस एपिसोड में इस द्वीप से जुड़े रहस्यों को और जुड़ते हैं सिंदबाद के साथ उसके दूसरे सफरनामे में।" More | 04 min 44 sec | |||
5 . सिंदबाद जहाजी की दूसरी यात्रा- भाग २"द्वीप पर पहुंचने के कुछ देर बाद सिंदबाद को दूर एक सफेद चीज दिखाई दी। वो पेड़ से उतरा और अपना बचा-खुचा खाना लेकर उस सफेद चीज के पास पहुँच गया। अचानक वहां अँधेरा हो गया। फिर उसने देखा कि एक विशालकाय पक्षी जो उसके तरफ उड़ा आ रहा है, वह अपने अंडे को सेने के लिए बैठ गया। तो चलिए दोस्तों, सुनते हैं इस एपिसोड में क्या होता इस रहस्यमय जंगल में और जुड़ते है सिंदबाद के साथ उसके दूसरे सफरनामे में।" More | 05 min 36 sec | |||
6 . सिंदबाद जहाजी की तीसरी यात्रा- भाग १"अपनी दूसरी यात्रा के बाद सिंदबाद घर आकर सुखपूर्वक रहने लगा। कुछ ही दिनों में वो जैसे पिछली दो यात्राओं के कष्ट और संकट भूल गया और तीसरी यात्रा की तैयारी शुरू कर दिया। वह बगदाद से व्यापार की वस्तुएँ लाया और कुछ व्यापारियों के साथ बसरा के बंदरगाह पर जाकर एक जहाज पर सवार हो जाता है। जानते हैं , इस एपिसोड में क्या होता है सिंदबाद के तीसरे सफर पर ।" More | 04 min 35 sec | |||
7 . सिंदबाद जहाजी की तीसरी यात्रा- भाग २"सिंदबाद का जहाज तूफान में फँस गया। अंत में वे एक द्वीप के पास जाकर पहुँचे। लेकिन यहा एक नयी मुसीबत उनके गले आ पड़ी थी। उस द्वीप के समीप ही जंगली लोगों का द्वीप था।उनके शरीर पर लाल-लाल बाल थे। कुछ देर में वो जंगली लोगों का एक बड़ा समूह तट पर आ जाता है और तैर कर जहाज के चारों ओर घेर लेते हैं। जानते हैं, इस एपिसोड में कैसे इस मुसीबत से निकलता है सिंदबाद।" More | 05 min 22 sec | |||
8 . सिंदबाद जहाजी की चौथी यात्रा"सिंदबाद ने अपनी चौथी यात्रा की तैयारी की और अपने देश की वे वस्तुएँ जिनकी विदेशों में माँग है, उन्हें प्रचुर मात्रा में खरीदा। फिर वो माल लेकर फारस की ओर चला गया। उसकी चौथी यात्रा के दौरान जहाज समुद्र की तह से ऊपर उठी पानी में डूबी एक चट्टान से टकरा कर चूर-चूर हो गया। सिंदबाद कुछ अन्य व्यापारी के साथ टूटे तख्तों के सहारे किसी प्रकार तट पर आ लगा। कुछ समय बाद काले रंग के आदमियों की एक बड़ी भीड़ ने उन्हें घेर लिया। उन्होंने उनके गले में रस्सियाँ बाँध दीं और भेड़-बकरियों की भाँति उन्हें हाँक-हाँककर बहुत दूर पर बसे अपने गाँव में ले गए। जानते हैं , इस एपिसोड में आखिर कौन थे वे लोग और वो लोग कहा उन्हें ले गए । " More | 08 min 26 sec | |||
9 . सिंदबाद जहाजी की पाँचवी यात्रा- भाग १"सिंदबाद कि विचित्र दशा थी। चाहे जितनी मुसीबत हो वो कुछ दिनों के आनंद के बाद उसे भूल जाता और नई यात्रा के लिए निकल पड़ता। यात्रा के कुछ दिनों में उसका जहाज एक निर्जन टापू पर आ लगा। वहाँ एक रुख पक्षी का एक अंडा रखा था जैसा कि एक पहले की यात्रा में उसने देखा था। उस अंडे में से बच्चा निकलने वाला था। ये देख कर अन्य व्यापारियों को सूझा कि रुख के बच्चे को भूनकर खा जाएँ। वे कुल्हाड़ियों से अंडा तोड़ने लगे और बच्चा निकालकर उसे काट-भून कर खा गए। कुछ ही देर बाद जहाज पर उस बच्चे के माता-पिता आ गए और अंडे को टूटा और बच्चे को मरा देख कर क्रोध में भयंकर चीत्कार करने लगे। चलिए दोस्तों जानते हैं , इस एपिसोड में आगे फिर क्या हुआ ? " More | 04 min 42 sec | |||
10 . सिंदबाद जहाजी की पाँचवी यात्रा- भाग २"सिंदबाद जैसे तैसे रुख पक्षियों से अपनी जान बचाकर एक द्वीप पर पंहुचा लेकिन उसकी मुसीबत यहीं पर ख़त्म नहीं हुई थी। वो अब उस द्वीप पर एक बूढ़े के हाथ लग गया था। बूढ़े ने न जाने कितनों को दौड़ाकर और गला घोंटकर मार डाला था। उसके हाथ से कोई नहीं बच पाया था। इस एपिसोड में सुनते है, किस तरह से बूढ़े ने सिंदबाद को परेशान कर दिया और कैसे सिंदबाद उससे अपना पीछा छुड़वाता है।" More | 05 min 19 sec |
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