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रिवाज़ हमारे, त्यौहार हमारे

रिवाज़ हमारे, त्यौहार हमारे

Duration

1hr 11m

Language

Urdu

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Category

Devotional

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"दोस्तों आवाज़ उर्दू आपके लिए लाया है एक नया शो, जिसका नाम है, ""रिवाज़ हमारे, त्यौहार हमारे ""। इस शो में हम जिक्र करेंगे, इस्लाम धर्म में मनाए जाने वाले त्योहारों का। इस शो में हम जानेंगे, किस तरह इन त्योहारों को मनाया जाता है, क्या अहमियत है , इन त्योहरों की इस्लाम धर्म में और क्यों और कैसे मनाए जाते हैं, यह त्यौहार। साथ ही साथ इन त्योहारों के इतिहास और इनसे जुड़े कुछ कहानियां, हम सुनेगें इस शो में । "

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ईद उल फ़ित्र

1 - ईद उल फ़ित्र

05 min 01 sec

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ईद उल अजहा

2 - ईद उल अजहा

05 min 01 sec

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रमजान

3 - रमजान

10 min 20 sec

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मुहर्रम

4 - मुहर्रम

09 min 53 sec

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शब-ए-कद्र

5 - शब-ए-कद्र

05 min 22 sec

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अराफात का दिन

6 - अराफात का दिन

08 min 31 sec

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हज

7 - हज

05 min 56 sec

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शब -ए -मेराज

8 - शब -ए -मेराज

09 min 30 sec

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शब-ए-बारात

9 - शब-ए-बारात

05 min 25 sec

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ईद-मिलाद-उन-नबी

10 - ईद-मिलाद-उन-नबी

06 min 08 sec

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रिवाज़ हमारे, त्यौहार हमारे

Devotional|Urdu|10 Episodes
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"दोस्तों आवाज़ उर्दू आपके लिए लाया है एक नया शो, जिसका नाम है, ""रिवाज़ हमारे, त्यौहार हमारे ""। इस शो में हम जिक्र करेंगे, इस्लाम धर्म में मनाए जाने वाले त्योहारों का। इस शो में हम जानेंगे, किस तरह इन त्योहारों को मनाया जाता है, क्या अहमियत है , इन त्योहरों की इस्लाम धर्म में और क्यों और कैसे मनाए जाते हैं, यह त्यौहार। साथ ही साथ इन त्योहारों के इतिहास और इनसे जुड़े कुछ कहानियां, हम सुनेगें इस शो में । "

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ईद उल फ़ित्र

1 . ईद उल फ़ित्र

"ईद मुबारक ! इस त्यौहार को अमूमन लोग क्या समझते हैं ? पब्लिक हॉली डे ! अच्छे रेस्टोरेंट में लजीज खाना ! भरपूर मनोरंजन वाली फिल्में देखना, मेला घूमना और घर पर बिरयानी के साथ सेवइयों का जायका लेना, लोगों को ईद मुबारक कहना ! ज्यादातर लोग ईद को इसी रूप में देखते-जानते और मानते हैं. लेकिन ईद मनाते क्यों हैं? आखिर क्या और क्यों है इस त्यौहार का महत्व ? इस एपिसोड में हम इसके पीछे की कहानी पर हम बात करेंगे। "

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ईद उल अजहा

2 . ईद उल अजहा

"इस एपिसोड में हम आपको बताएँगे, ईद उल अजहा पर कुर्बानी क्यों दी जाती है और इसे बकरा ईद क्यों कहा जाने लगा और साथ ही ईद उल अजहा का इतिहास और हजरत इब्राहीम में जुड़ी वो कहानी क्या है जिसके बाद से ये त्योहार मनाया जाने लगा। "

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रमजान

3 . रमजान

"इस्लाम धर्म में रमजान को आध्यात्मिक और शारीरिक रूप से शुद्ध होने का महीना माना जाता है। इससे आप संयम और अनुशासन भी सीखते हैं। इस एपिसोड में हम रमजान से जुड़े कुछ रोचक तथ्य जानेंगे जैसे की रमजान क्यों मनाया जाता है? रमजान के नियम क्या है? सिया और सुन्नी रमजान कैसे मनाते हैं और भी बहुत अहम बातें |"

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10 min 20 sec

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मुहर्रम

4 . मुहर्रम

"इस्लाम धर्म के अनुसार, मुहर्रम के महीने को शोक या मातम का महीना कहा जाता है। इस महीने की 10 तारीख को इमाम हुसैन की शहादत हुई थी। जिसके चलते इस दिन को रोज-ए-आशुरा कहते हैं। इस एपिसोड में हम बताएँगे मुहर्रम से जुडी कुछ कहानी और इसके अहमियत को। "

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09 min 53 sec

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शब-ए-कद्र

5 . शब-ए-कद्र

"रमजान की एक ऐसी रात भी है, जिसे अल्लाह ने इबादत के लिए हजार रातों से बेहतर बनाया है। इस रात को शब-ए-कद्र की रात कहते हैं। इसमें एक रात है जो हजारों महीनों से बेहतर है। इस्लाम में शब- ए-कद्र पवित्र रातों में एक है। इसे लैलातुल कद्र के रूप में भी जाना जाता है। अंग्रेजी में इसे नाइट ऑफ डिक्री, नाइट ऑफ पावर, नाइट ऑफ वैल्यू या नाइट ऑफ मेजर भी कहा जाता है। "

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05 min 22 sec

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अराफात का दिन

6 . अराफात का दिन

"अराफा का दिन मुस्लिम तीर्थयात्रियों के बीच महत्वपूर्ण माना जाता है क्योंकि ये वो दिन है जब पैगंबर मुहम्मद ने अपने ज़िंदगी के अंत में हज पूरा करने के दौरान उनके साथ आए कई मुसलमानों को अपना विदाई उपदेश दिया था। इस एपिसोड में सुनते हैं, उन उपदेशों को और अराफा का दिन की अहमियत को जानते हैं। "

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08 min 31 sec

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हज

7 . हज

"इस्लाम में हज यात्रा को बेहद पवित्र माना गया है. वहीं इसे एक दायित्व के रूप में लिया जाता है। इतना ही नहीं सभी सक्षम मुस्लिम को अपने ज़िंदगी में कम से कम हज यात्रा को पूरा करने की हिदायत दी जाती है। इस एपिसोड में हम सुनेंगे की, क्यों जाते हैं मुस्लिम हज यात्रा पर ? कैसे शुरू हुई हज यात्रा? क्या होता है हज यात्रा पर? और हज जाने के लिए क्या है नियम ? "

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05 min 56 sec

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शब -ए -मेराज

8 . शब -ए -मेराज

"शब-ए-मेराज का अर्थ है पैगंबर मोहम्मद साहब की अल्लाहताला के साथ स्वर्गलोक में मुलाकात की रात। इस एपिसोड में हम सुनेंगे शब-ए-मेराज की अहमियत के बारे में और कैसे मनाया जाता है? और साथ ही साथ शब-ए-मेराज इस से जुड़ी कहानी को हम सुनेंगे । "

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09 min 30 sec

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शब-ए-बारात

9 . शब-ए-बारात

"शब-ए-बारात का मतलब कुछ इस तरह है, शब यानी रात और बारात का मतलब होता है बरी होना। शब- ए-बारात के दिन इस दुनिया को छोड़कर जा चुके लोगों की कब्रों पर उनके प्रियजनों द्वारा रोशनी की जाती है और दुआ मांगी जाती है. इस दिन अल्लाह से सच्चे मन से अपने गुनाहों की माफी मांगने से जन्नत में जगह मिलती है। "

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05 min 25 sec

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ईद-मिलाद-उन-नबी

10 . ईद-मिलाद-उन-नबी

"ईद- मीलाद –उन -नबी यह दिन इस्लाम मजहब का एक अहम दिन है। इस्लामी कैलेंडर के रबी –अल -अव्वल की 12 तारीख को इद-ए- मिलाद का त्योहार मनाया जाता है। इस्लामी मान्यता के मुताबिक हजरत मुहम्मद का जन्म 517 ईस्वी में हुआ था और 610 इस्वी में मक्का की हीरा गुफा में उन्हें इहलाम हुआ। लेकिन ईद-ए-मिलाद का पर्व मिश्र में मनाना शुरू हुआ था। 11 वीं शताब्दी तक आते-आते पूरी दुनिया के मुसलमान इसे मनाने लगे।"

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06 min 08 sec

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