वीर हनुमान
Duration
3hr 11m
Language
Hindi
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Category
Devotional
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1 - राम जी और वीर हनुमान जी की भेंट
10 min 34 sec
19
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2 - राम जी का प्रण
10 min 05 sec
4
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3 - बाली को हराने की योजना
09 min 09 sec
4
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4 - बाली का वध
08 min 33 sec
3
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5 - भगवान श्री राम ने भेजा लक्ष्मण को
06 min 02 sec
3
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6 - सुग्रीव ने मांगी क्षमा
10 min 25 sec
2
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7 - चारों दिशाओं में माता सीता की खोज
05 min 57 sec
2
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8 - दक्षिण दिशा में माता सीता की खोज
08 min 40 sec
5
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9 - माता सीता की खोज में असफल
05 min 51 sec
2
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10 - गिद्धराज सम्पाती
06 min 16 sec
1
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वीर हनुमान
About Show
| Episodes | Duration | |||
1 . राम जी और वीर हनुमान जी की भेंटइस एपिसोड में हम सुनेंगे, राम जी और वीर हनुमान जी के भेंट की कहानी। सीता की खोज करते हुए भगवान राम और लक्ष्मण वन-वन भटक रहे थे। रास्ते में उनकी भेंट बूढ़े ब्राह्मण का वेश धारण किए हुए हनुमान जी से हुई। हनुमान जी ने प्रभु श्री राम को अपना परिचय देते हुए उनकी भेंट सुग्रीव से कराने निकल जाते है। More | 10 min 34 sec | |||
2 . राम जी का प्रणइस एपिसोड में हम सुनेंगे, हनुमान जी प्रभु श्री राम और लक्ष्मण के साथ सुग्रीव से भेंट करने पहुंचते हैं। जो बाली के डर से ऋष्यमूक पर्वत पर रहता था। सुग्रीव ने अपनी व्यथा सुनाते हुए भगवान श्रीराम से कहा कि हे प्रभु, मेरा बड़ा भाई बाली है, जो बहुत ही बलशाली है। जो भी योद्धा उससे युद्ध करता है उसका आधा बल उसमें आ जाता है। उसने मेरी भार्या को बलपूर्वक बंदी बना रखा है तथा मुझे मार कर भगा दिया है। उसी के डर से मैं यहां रहता हूं। तब प्रभु श्री राम ने बाली का वध करने के बाद सुग्रीव की पत्नी को मुक्त कराने का प्रण लिया। More | 10 min 05 sec | |||
3 . बाली को हराने की योजनाअब बाली की शक्तियों का सभी को अंदाज़ा लग चुका था। उसे हराने की योजना बनाई गई। राम के संकेत पर सुग्रीव ने बाली को उकसाया और उसे युद्ध के लिए ललकारा। अब आगे क्या होता है। सुनते हैं, अगले एपिसोड में। More | 09 min 09 sec | |||
4 . बाली का वधबाली और सुग्रीव का युद्ध शुरू हुआ तो राम ने अवसर मिलते ही बाली पर बाण चला दिया। बाली धरती पर गिरा और कराहने लगा। उसे जब पता लगा कि राम ने उसे छिपकर मारा था तो उसे बहुत क्रोध आया। उसने राम पर अधर्म और पाप का दोष लगा दिया। राम का बाली से न तो सीधा वैर था और न ही बाली ने राम को कोई नुकसान पहुंचाया था। बाली-वध की घटना ने राम के निष्कपट जीवन पर हमेशा के लिए एक सवाल खड़ा कर दिया। More | 08 min 33 sec | |||
5 . भगवान श्री राम ने भेजा लक्ष्मण कोइस एपिसोड में हम सुनेंगे जब चार मास से अधिक का समय बीत गया तो भगवान श्रीराम के धीरज का बांध टूट गया। उन्हें सुग्रीव के द्वारा अपना वचन भूल जाने का दुःख हुआ व इसके लिए उन्होंने लक्ष्मण को किष्किन्धा भेजा। उन्होंने लक्ष्मण को सुग्रीव को उसका वचन याद दिलाने को भेजा। यह सुनकर लक्ष्मण अत्यंत क्रोध में किष्किन्धा नगरी की ओर निकल पड़े। साथ ही उन्होंने लक्ष्मण को संयम रखने का भी परामर्श दिया व केवल सुग्रीव को कठोरता से उसका वचन याद दिलाने को कहा। More | 06 min 02 sec | |||
6 . सुग्रीव ने मांगी क्षमाइस एपिसोड में हम सुनेंगे, लक्ष्मण के क्रोध के बारे में सुनकर सुग्रीव अत्यंत भयभीत हो गए व लक्ष्मण के सामने जाकर क्षमा मांगी। सुग्रीव के क्षमा मांगने व उसी समय भगवान श्रीराम से मिलकर माता सीता की खोज शुरू करने का सुनकर लक्ष्मण का क्रोध थोड़ा शांत हुआ व उन्होंने उसे क्षमा कर दिया। More | 10 min 25 sec | |||
7 . चारों दिशाओं में माता सीता की खोजइस एपिसोड में हम सुनेंगे, सुग्रीव ने पूर्व दिशा में वानर सेना को लेकर जाने का नेतृत्व विनंत को दिया। उन्हें भारत की पूर्व दिशा में भागीरथी गंगा नदी, सरयू नदी, यमुना नदी, सरस्वती नदी इत्यादि पार करके ब्रह्मताल, विदेह, मालव, काशी, कोसल, मगध इत्यादि राज्यों में माता सीता की खोज करने को कहा गया था। लेकिन उन्हें कुछ खोज के दौरान कुछ नहीं मिला। More | 05 min 57 sec | |||
8 . दक्षिण दिशा में माता सीता की खोजदक्षिण की दिशा सबसे अधिक महत्वपूर्ण थी क्योंकि यही से होकर रावण की नगरी लंका आती थी। इसलिये माता सीता के उस दिशा में होने की संभावना सबसे अधिक थी। इसी कारण सुग्रीव ने इस दिशा में अपने सबसे शक्तिशाली योद्धाओं को भेजा। उन्होंने इस दिशा का नेतृत्व अपने भतीजे व बाली के पुत्र अंगद को दिया। अंगद के साथ उन्होंने महाबली हनुमान, जाम्बवंत, नल-नीर इत्यादि योद्धाओं को भेजा। More | 08 min 40 sec | |||
9 . माता सीता की खोज में असफलसभी वानर भयभीत थे और सोच रहे थे कि वानरराज सुग्रीव के द्वारा दी गयी एक माह के की मियाद पूरी हो गयी है और सीता माता का कोई भी सुराग नहीं मिल पाया है ऐसी स्थिति में यदि कार्य किए बिना ही लौटेंगे तो सुग्रीव के द्वारा उनकी मृत्यु निश्चित है। फिर आगे क्या होता है कहानी में सुनते है। More | 05 min 51 sec | |||
10 . गिद्धराज सम्पातीसम्पाती जटायु के बड़े भाई थे जो दक्षिण तट पर समुंद्र के किनारे रहते थे। जब वानर सेना का एक दल वहां पहुंचा तो उन्होंने सम्पाती को सब बात बतायी। सम्पाती ने अपनी गिद्ध दृष्टि से माता सीता का पता लगाया व उनके लंका में होने की बात कही। उन्होंने वानर सेना को समुंद्र पार कर लंका में जाकर माता सीता को खोजने को कहा। More | 06 min 16 sec |
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