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अमृत वर्षा - सीज़न २

अमृत वर्षा - सीज़न २

Duration

1hr 41m

Language

Hindi

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Category

Devotional

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दोस्तों, aawaz के इस शो में हम बात करेंगे की कैसे कहावतें, दोहे जो कहे गए उनसे जीवन में कितनी सार्थकता आ सकती है। किसी ने सच ही कहा है कि अगर हम अपने जीवन में दोहों को वास्तविक रुप से कार्य में लाएं तो जीवन एक आदर्श और सफल जीवन बन सकता है। जीवन की डगर और भी सुहानी हो सकती है, हम आपके लिए लाये हैं, फिर एक बार शो '' संतो की वाणी - अमृत वर्षा (सीजन २)'' और समझते हैं, महान कवियों और संतो की वाणी और जीवन जीने का तरीका।

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संतोष और असंतोष भाव

1 - संतोष और असंतोष भाव

09 min 06 sec

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निंदा

2 - निंदा

09 min 34 sec

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ईश्वर भक्ति

3 - ईश्वर भक्ति

10 min 08 sec

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समय का महत्व

4 - समय का महत्व

09 min 13 sec

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असली सुख

5 - असली सुख

09 min 14 sec

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चंचल मन

6 - चंचल मन

10 min 24 sec

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गुण और अवगुण

7 - गुण और अवगुण

08 min 29 sec

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सज्जन और दुर्जन

8 - सज्जन और दुर्जन

09 min 37 sec

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आत्मसम्मान

9 - आत्मसम्मान

08 min 39 sec

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जीवन और मृत्यु

10 - जीवन और मृत्यु

09 min 38 sec

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अमृत वर्षा - सीज़न २

Devotional|Hindi|11 Episodes
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About Show

दोस्तों, aawaz के इस शो में हम बात करेंगे की कैसे कहावतें, दोहे जो कहे गए उनसे जीवन में कितनी सार्थकता आ सकती है। किसी ने सच ही कहा है कि अगर हम अपने जीवन में दोहों को वास्तविक रुप से कार्य में लाएं तो जीवन एक आदर्श और सफल जीवन बन सकता है। जीवन की डगर और भी सुहानी हो सकती है, हम आपके लिए लाये हैं, फिर एक बार शो '' संतो की वाणी - अमृत वर्षा (सीजन २)'' और समझते हैं, महान कवियों और संतो की वाणी और जीवन जीने का तरीका।

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EpisodesDuration
संतोष और असंतोष भाव

1 . संतोष और असंतोष भाव

"एक भाव है, जो किसी भी प्रकार के ऐश्वर्या, धन और आनंद से अधिक महत्व रखता है। और वो भाव है 'संतोष' का। चलिए जानते है इस एपिसोड क्या कहना है महान संतों का इस भाव के बारे में और क्या है ये भाव ?"

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09 min 06 sec

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निंदा

2 . निंदा

"दूसरों की निंदा करना, अपनी कमियों पर ध्यान न देकर दूसरों में कमियां ढूँढना और अपने अलावा सारे संसार में बुराई खोजना कितना गलत है। इस एपिसोड में हम सुनेंगे संतों ने जीवन की यह सीख को कैसे बताया है।अपने दोहे द्वारा । "

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09 min 34 sec

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ईश्वर भक्ति

3 . ईश्वर भक्ति

"मनुष्य सांसरिक मोह में फँसा हुआ होता है। भौतिक सुख सुविधाओं के लिए भटकता रहता है।जब की उसे सुख केवल ईश्वर की भक्ति से ही मिलता है। यह बात हमारे संत कवियों ने बहुत ही सरल तरीके से समझाई है, चलिए सुनते है। "

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10 min 08 sec

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समय का महत्व

4 . समय का महत्व

"समय बहुत बलवान होता है। समय अमूल्य है। पर फिर भी दुनिया में अधिकतर लोग तो इसका मूल्य जीवन भर जान ही नहीं पाते।और इसी कारण वह सही समय पर सही काम नहीं कर पाते। हमारे संत कवियों ने भी समय के महत्व के बारे में कहा है। चलिए सुनते है इस एपिसोड में समय का महत्व। "

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09 min 13 sec

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असली सुख

5 . असली सुख

"पूरे जीवन में मनुष्य सुख की तलाश में रहता है। सुख को पाने का प्रयास करता है, पर इस सब में कई बार वह ये भूल जाता है कि असली सुख क्या है। सुनते हैं, इस एपिसोड में संतों द्वारा कहा गया सुख का अर्थ क्या है। "

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09 min 14 sec

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चंचल मन

6 . चंचल मन

"मनुष्य का मन बहुत चंचल होता है। कभी कुछ पाने की आस रखता है, तो कभी किसी और सपने की पूरा होने की इच्छा रखता है।मन की चंचलता के बारे में हमारे संत कवियों ने भी बहुत कुछ कहा है। इस के एपिसोड में सुनते है मनुष्य के चंचल मन के बारे में। "

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10 min 24 sec

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गुण और अवगुण

7 . गुण और अवगुण

"मनुष्य को किन गुणों को जीवन में उतार लेना चाहिए और किन अवगुणों को त्याग देना चाहिए, ये हमें हमारे संत सिखाते है। बड़प्पन जीवन में क्यों आवश्यक है ? और जिन लोगों का चरित्र ऊंचा होता है, गुणों से जो बड़े होते है।उनके बारे में भी संत कवियों ने कहा है चलिए सुनते है, इस एपिसोड में। "

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08 min 29 sec

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सज्जन और दुर्जन

8 . सज्जन और दुर्जन

"'सज्जन और दुर्जन'' मनुष्यों में बहुत अंतर होता है। उनकी पहचान उनके आचरण से होती है। आचरण के दर्पण में सज्जन और दुर्जन का फर्क साफ झलकता है सुनते है, हमारे संत कवियों ने क्या कहा है, सज्जन और दुर्जन मनुष्य के बारे में। "

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09 min 37 sec

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आत्मसम्मान

9 . आत्मसम्मान

"संत कहते है, जीवन में जितना आवश्यक दूसरों का सम्मान करना है। उतना ही अपने सम्मान के प्रति सजग रहना भी आवश्यक है। सुनते है इस एपिसोड में ''आत्मसम्मान'' के प्रति क्या संतों ने हमें सीख दी है। "

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08 min 39 sec

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जीवन और मृत्यु

10 . जीवन और मृत्यु

"'जीवन और मृत्यु'' दो ऐसी चीज़ें हैं, जो हर किसी को बिना मांगे ही मिलती है। क्यों की ये विधि का विधान हैं। हमारे संतों ने भी जीवन के चक्र के बारे में बहुत कुछ कहा है, चलिए सुनते हैं,इस एपिसोड में जीवन के सबसे बड़े सत्य मृत्यु के बारे में हमारे संतों की वाणी। "

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09 min 38 sec

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