चम्बल की रानी - फूलन देवी.
Duration
0hr 31m
Language
Hindi
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Category
Stories
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10 - अंत
02 min 46 sec
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9 - आत्म समर्पण
02 min 53 sec
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8 - बदले की आग
02 min 52 sec
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7 - गिरोह की नई सरदार - फूलन देवी
02 min 52 sec
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6 - गिरोह का नया सरदार
03 min 05 sec
3
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5 - बाबू गुर्जर की मौत
03 min 14 sec
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4 - बाबू गुर्जर की हत्या
02 min 44 sec
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3 - फूलन का अपहरण
02 min 38 sec
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2 - अपनों से मिला धोखा
03 min 37 sec
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1 - फूलन देवी का बचपन
05 min 01 sec
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चम्बल की रानी - फूलन देवी.
About Show
| Episodes | Duration | |||
10 . अंत"इस शो के आखिरी एपिसोड में हम आ पहुंचे हैं। अब बात यह है की फूलन देवी को लेकर लोगों की अलग अलग राय है। कुछ उसे नरसंहारक के रूप में देखते हैं, तो किसी के लिए वो दुष्टों का नाश करने वाली देवी थी। लेकिन यहां हमें पहले ये सोचने की ज़रूरत है कि फूलन देवी ने अपने जीवन में जो भी किया उसके लिए दोषी किसे माना जाए ? उसके पिता को जिसने छोटी सी उम्र में उसे एक अधेड़ के पल्ले बांध दिया ? उस पुरुष का जिसने एक बच्ची पर दया नहीं की ? उन दरिन्दों को जिसने फूलन को लगातार नोचा, उस प्रशासन को जो फूलन को न्याय दिलाने में असमर्थ रही या फिर खुद फूलन को ?" More | 02 min 46 sec | |||
9 . आत्म समर्पण"फूलन देवी किसी तरह से आत्म समर्पण के लिए राजी हो गई। लेकिन इसके लिए उनकी अपनी शर्तें थीं। अपनी पहली शर्त के तहत मध्यप्रदेश पुलिस के सामने ही आत्मसमर्पण करने की बात कही। दूसरी शर्त के तहत उन्होंने अपने किसी भी साथी को ‘सज़ा ए मौत’ न देने का आग्रह किया। तीसरी शर्त के तहत उसने उस जमीन को वापस करने के लिए कहा, जो उसके पिता से हड़प ली गई थी। साथ ही उसने अपने भाई को पुलिस में नौकरी देने की मांग की। फूलन की दूसरी मांग को छोड़कर पुलिस ने उसकी बाक़ी सभी शर्तें मान लीं। " More | 02 min 53 sec | |||
8 . बदले की आग"फूलन और उसके गिरोह ने बंदूक के ज़ोर पर पूरे गांव को घेर लिया तथा ठाकुर जाति के 21 मर्दों को एक लाइन में खड़ा होने का आदेश दिया। उन 21 में से दो उनके पुराने गिरोह के डाकू भी थे, लेकिन ये वो नहीं थे जिन्होंने फूलन के साथ दुष्कर्म किया था। अपने दुश्मनों को वहां ना देख कर फूलन देवी बुरी तरह बौखला गयी। इन हत्याओं की खबर अब प्रधानमंत्री तक पहुंच चुकी थी। " More | 02 min 52 sec | |||
7 . गिरोह की नई सरदार - फूलन देवी"दुश्मन गिरोह ने विक्रम मल्लाह को भी मार गिराया और फूलन को बंदी बनाकर अपने गांव बेहमई ले आये। यहां फूलन को एक कमरे में भूखे प्यासे बंद कर दिया गया और यहां उसके साथ केवल दुष्कर्म नहीं बल्कि सामूहिक दुष्कर्म हुआ। उसके साथ हो रहे दुष्कर्म और दी जा रही यात्नओं की जानकारी उसके कुछ पुराने साथियों को मिली, तो वे छुपते-छुपाते मौके पर पहुंचे और फूलन को वहां से बचाकर ले गए। वहां से निकलने के कुछ दिन बाद ही फूलन ने अपने साथी मान सिंह मल्लाह की सहायता से अपने पुराने मल्लाह साथियों को इकट्ठा कर के गिरोह का पुनः गठन किया और खुद उसकी सरदार बनी। " More | 02 min 52 sec | |||
6 . गिरोह का नया सरदार"बाबू गुर्जर की हत्या के बाद अगली सुबह विक्रम मल्लाह ने खुद को गिरोह का सरदार घोषित कर दिया. इसी बीच इनके गिरोह में जेल से भागे दो भाई श्री राम तथा लाला राम शामिल हुए, जिनके कारण गिरोह में फूट पड़ गई। फिर आगे क्या हुआ सुनते है। " More | 03 min 05 sec | |||
5 . बाबू गुर्जर की मौत"अब वो दिन और मौका आ चुका था। बाबू गुर्जर की हत्या को अंजाम देने का। विक्रम और बाबू के बीच की बहस हाता-पाई पर उतर चुकी थी। अब इंतज़ार था इस लड़ाई में किस की जीत होगी। यह लड़ाई का फैसला फूलन की किस्मत पलट देने वाला था। और इस से डैकत के नए सरदार का चुनाव होने वाला था। " More | 03 min 14 sec | |||
4 . बाबू गुर्जर की हत्या"अब तक विक्रम मल्लाह और फूलन एक दूसरे को पसंद कर ने लग गए थे लेकिन बाबू गुर्जर के रहते उनका रिश्ता आगे बढ़ नहीं पाता। इसलिए वह दोनों बाबू गुर्जर की हत्या करने का विचार करते हैं। अब आगे क्या होता है, कहानी में सुनते हैं। " More | 02 min 44 sec | |||
3 . फूलन का अपहरण"जेल से छूटने के बाद डैकत ने फूलन का अपहरण कर लिया। गिरोह में भी उसे कई प्रकार की विकट परिस्थितियों का सामना करना पड़ा। गिरोह के सरदार बाबू गुर्जर की नज़र फूलन पर पड़ गई थी। एक दिन उसने फूलन के साथ जबरदस्ती की। विक्रम मल्लाह, जिसका स्थान गिरोह में बाबू गुर्जर के बाद आता था, उसने इसका विरोध किया।बावजूद इसके सरदार नहीं माना और फूलन के साथ जबरदस्ती की आगे इस कहानी में क्या होता है चलिए सुनते हैं।" More | 02 min 38 sec | |||
2 . अपनों से मिला धोखा"दोस्तों, इस एपिसोड में हम सुनेगें फूलन देवी के साथ इतनी कम उम्र में हुए आत्याचारों की दास्तान। शादी के बाद वह यौन शोषण का शिकार हो गई थी। इन सब से बच कर वह अपने घर लौट आई अपने पिता के पास लेकिन पिता ने उस पर सोने की अंगूठी चुराने का इलज़ाम लगा कर सलाखों के पार कर दिया। चलिए इस एपिसोड में जानते हैं, आगे क्या हुआ। " More | 03 min 37 sec | |||
1 . फूलन देवी का बचपन"दोस्तों, इस एपिसोड में हम जानेंगे फूलन देवी के बचपन के बारे में। उनका जन्म 10 अगस्त 1963 को यूपी के जालौन जनपद के छोटे से गांव गोरहा में हुआ था। फूलन के पिता मजदूरी करते थे। उनके पास सिर्फ एक एकड़ जमीन थी। लेकिन इसमें परिवार का जीवन नहीं चलता था। जब वह 11 साल की थी तब ही उनका विवाह किसी अधेड़ उम्र के व्यक्ति पुट्टी लाल से कर दिया था। वे शादी के लिए तैयार नहीं थी। चलिए इस एपिसोड में जानते हैं, विस्तार में उनके बचपन के बारे में। " More | 05 min 01 sec |
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