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डिवाइन टेल्स

डिवाइन टेल्स

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Language

Hindi

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Devotional

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डिवाइन टेल्स शो में हम आपके लिए भगवान और उनसे जुडी अनोखी रहस्मय और शालीन कथाएं लेकर आए हैं। इन कथाओं को सुनकर आप भी चौंक जायेंगे और अचंभित रह जायेंगे।

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हनुमान जी का जन्म

1 - हनुमान जी का जन्म

05 min 31 sec

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हनुमान जी का नाम हनुमान कैसे पड़ा

2 - हनुमान जी का नाम हनुमान कैसे पड़ा

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हनुमान जी सिंदूरी रंग के कैसे हो गए थे

3 - हनुमान जी सिंदूरी रंग के कैसे हो गए थे

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हनुमान जी का विवाह

4 - हनुमान जी का विवाह

04 min 53 sec

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हनुमान जी का बेटा

5 - हनुमान जी का बेटा

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कृष्ण जी का जन्म

6 - कृष्ण जी का जन्म

04 min 14 sec

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कृष्ण जी और कुम्हार की कहानी

7 - कृष्ण जी और कुम्हार की कहानी

04 min 23 sec

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कृष्ण जी ने खाई मिट्टी

8 - कृष्ण जी ने खाई मिट्टी

02 min 38 sec

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गोवर्धन पूजा क्यों मनाई जाती है

9 - गोवर्धन पूजा क्यों मनाई जाती है

03 min 24 sec

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कृष्ण और कालिया नाग

10 - कृष्ण और कालिया नाग

04 min 58 sec

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डिवाइन टेल्स

Devotional|Hindi|15 Episodes
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About Show

डिवाइन टेल्स शो में हम आपके लिए भगवान और उनसे जुडी अनोखी रहस्मय और शालीन कथाएं लेकर आए हैं। इन कथाओं को सुनकर आप भी चौंक जायेंगे और अचंभित रह जायेंगे।

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हनुमान जी का जन्म

1 . हनुमान जी का जन्म

ज्योतिषीयों की गणना के अनुसार बजरंगबली जी का जन्म चैत्र पूर्णिमा को मंगलवार के दिन चित्र नक्षत्र व मेष लग्न के योग में हुआ था। हनुमानजी के पिता सुमेरू पर्वत के वानरराज राजा केसरी थे और माता अंजनी थी। हनुमान जी को पवन पुत्र के नाम से भी जाना जाता है और उनके पिता वायु देव भी माने जाते है। राजस्थान के सालासर व मेहंदीपुर धाम में इनके विशाल एवं भव्य मन्दिर है। आइये सुनते हैं हनुमान जी के जन्म की पूरी गाथा।

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हनुमान जी का नाम हनुमान कैसे पड़ा

2 . हनुमान जी का नाम हनुमान कैसे पड़ा

शक्ति के स्वामी, राम के सेवक भगवान हनुमान को इस धरती पर अमरत्व का वरदान मिला। हर युग में वो इस धरती पर रहेंगे। बचपन से ही अनुपम लीलायें करने वाले हनुमान का नाम कैसे हनुमान पड़ा। आइए, हम आपको बताते हैं हनुमान का नाम हनुमान कैसे पड़ा।

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हनुमान जी सिंदूरी रंग के कैसे हो गए थे

3 . हनुमान जी सिंदूरी रंग के कैसे हो गए थे

भगवान राम के परम भक्‍त श्री हनुमान बल, बुद्धि और विद्या प्रदान करने वाले हैं। सिंदूर उन्‍हें अति प्रिय है। भक्‍त बड़े प्रेम से अपने आराध्‍य श्री हनुमान को सिंदूर चढ़ाते है। मान्‍यता है कि सिंदूर चढ़ाने से बजरंग बल‍ि बेहद प्रसन्‍न होते हैं और अपने भक्‍तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण कर देते हैं। लेकिन क्‍या आपने कभी सोचा है कि हनुमान जी को सिंदूर क्‍यों चढ़ाया जाता है और वो हमेशा सिंदूरी रंग का चोला ही क्‍यों ओढ़ते हैं?

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हनुमान जी का विवाह

4 . हनुमान जी का विवाह

हनुमान जी को बाल ब्रह्मचारी माना जाता है। यह बात पूरी तरह सत्य है लेकिन ऐसा नहीं है कि हनुमान जी अविवाहित थे। हनुमान जी का पूरी रीति रिवाज और मंत्रों के साथ विवाह हुआ था और इनका एक पुत्र भी था, लेकिन विवाह और पुत्र प्राप्ति में कोई संबंध नहीं है इसलिए विवाहित और पिता बनने के बाद भी हनुमान जी ब्रह्मचारी ही माने जाते हैं। जानिये हनुमान जी के विवाह से जुड़ी कहानी।

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हनुमान जी का बेटा

5 . हनुमान जी का बेटा

आज हमारे सामने एक ऐसा तथ्य आया है जिसे सुन आप चौंक जाएंगे। हनुमान जी को हमेशा से ‘बाल ब्रह्मचारी’ के शब्द से जोड़ा गया है क्योंकि उन्होंने कभी भी शादी नहीं की। फिर कैसे हनुमान जी का पुत्र हुआ ? क्या वास्तव में हनुमान जी का पुत्र था ? हनुमान जी को ‘राम नाम’ की लगन लग गई थी और वो सुबह से लेकर रात तक केवल ‘राम’ नाम का जाप किया करते थे जिस कारण उन्होंने शादी ना करने का फैसला ले लिया पर इसके बावजूद भी हनुमान जी का पुत्र हुआ जिसका नाम मकरध्वज था। जानिए उनके पुत्र से जुडी ये अनोखी गाथा।

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कृष्ण जी का जन्म

6 . कृष्ण जी का जन्म

कृष्ण का जन्म भाद्रपद मास में कृष्ण पक्ष में अष्टमी तिथि, रोहिणी नक्षत्र के दिन रात्री के १२ बजे हुआ था। कृष्ण का जन्मदिन जन्माष्टमी के नाम से भारत, नेपाल, अमेरिका सहित विश्वभर में मनाया जाता है। कृष्ण का जन्म मथुरा के कारागार में हुआ था। वे माता देवकी और पिता वासुदेव की ८वीं संतान थे। श्रीमद भागवत के वर्णन अनुसार द्वापरयुग में भोजवंशी राजा उग्रसेन मथुरा में राज करते थे। उनका एक आततायी पुत्र कंस था और उनकी एक बहन देवकी थी। देवकी का विवाह वसुदेव के साथ हुआ था। आगे की पूरी कहानी जानिए इस एपिसोड में।

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कृष्ण जी और कुम्हार की कहानी

7 . कृष्ण जी और कुम्हार की कहानी

प्रभु श्री कृष्ण ने गोपियों के साथ बहुत-सी लीलायें की हैं। श्री कृष्ण गोपियों की मटकी फोड़ते और माखन चुराते और गोपियां श्री कृष्ण का उलाहना लेकर यशोदा मैया के पास जातीं। ऐसा बहुत बार हुआ। एक बार की बात है कि यशोदा मैया प्रभु श्री कृष्ण के उलाहनों से तंग आ गई और छड़ी लेकर श्री कृष्ण की ओर दौड़ी। जब प्रभु ने अपनी मैया को क्रोध में देखा तो वह अपना बचाव करने के लिए भागने लगे। आगे की पूरी कहानी सुनिए इस एपिसोड में।

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कृष्ण जी ने खाई मिट्टी

8 . कृष्ण जी ने खाई मिट्टी

भगवान श्रीकृष्ण ने बचपन में एकबार मिट्टी खाई थी। पूर्णावतार भगवान कोई भी कार्य ऐसे नहीं करते। उसके पीछे कारण होते हैं। परमेश्वर कन्हैया ने मिट्टी खाई। इस लीला के पीछे भी कल्याण के कई कारण थे। अनंत लीलाएं हो सकती हैं फिर भी समझते हैं प्रभु की 12 लीलाएं जिसके कारण उन्होंने मिट्टी खाई होगी। अब भगवन श्री कृष्ण ने क्यों खाई मिट्टी, सुनिए उनकी पूरी लीला।

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गोवर्धन पूजा क्यों मनाई जाती है

9 . गोवर्धन पूजा क्यों मनाई जाती है

गोवर्धन पूजा या अन्नकूट पर्व दिवाली के अगले दिन मनाया जाता है। कार्तिक मास की शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा को गोवर्धन उत्सव मनाया जाता है। इस दिन लोग घर के आंगन में गोबर से गोवर्धन पर्वत का चित्र बनाकर गोवर्धन भगवान की पूजा करते हैं। इस दिन गायों की सेवा का विशेष महत्व है। इस दिन के लिए मान्यता प्रचलित है कि भगवान कृष्ण ने वृंदावन धाम के लोगों को तूफानी बारिश से बचाने के लिए पर्वत अपने हाथ पर ऊठा लिया था। तो चलिए जानते हैं क्या है इसकी कहानी।

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कृष्ण और कालिया नाग

10 . कृष्ण और कालिया नाग

पुराणों अनुसार कश्यप ऋषि की पत्नी कद्रू से उन्हें कई नागों की उत्पत्ति हुई है। जैसे अनंत, वासुकी, तक्षक, कर्कोटक, पिंगला, पद्म, महापद्म, शंख, कुलिक, चूड़, धनंजय आदि। अग्निपुराण में 80 प्रकार के नाग कुलों का वर्णन है। कहते हैं कि कालिया नाग भी कद्रू का पुत्र और वह पन्नग जाति का नागराज था। आइये सुनते हैं कृष्ण जी और कालिया नाग की कहानी।

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