काला दिन - निर्भया कांड
Duration
1hr 47m
Language
Hindi
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Stories
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1 - 16 दिसंबर की वो काली रात
05 min 25 sec
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2 - बस लेने का फैसला
05 min 27 sec
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3 - मारपीट और गैंगरेप
05 min 00 sec
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4 - चमत्कार की ही उम्मीद
05 min 34 sec
2
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5 - हैवानियत का नहीं था अंदाजा
07 min 17 sec
2
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6 - अस्पताल के बाहर लोगों की भारी भीड़
05 min 27 sec
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7 - कई दिनों तक चला संघर्ष
05 min 48 sec
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8 - इसलिए काफी पेचीदा था मामला
05 min 30 sec
1
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9 - आखिरी साँस
05 min 11 sec
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10 - 4 दोषियों को मौत की सजा
06 min 09 sec
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काला दिन - निर्भया कांड
About Show
| Episodes | Duration | |||
1 . 16 दिसंबर की वो काली रात"16 दिसंबर 2012 की रात को दिल्ली में ऐसा अनर्थ हुआ कि पूरा देश महिलाओं की सुरक्षा के लिए सड़क पर आ गया। आज निर्भया केस को 9 साल पूरे हो चुके हैं और भी देश का हर व्यक्ति दोषियों की फांसी का इंतजार कर रहा है। जानें- उस रात की पूरी घटना के बारे में। " More | 05 min 25 sec | |||
2 . बस लेने का फैसला"रात बढ़ती जा रही थी। इस बीच एक बस पास से गुजर रही थी और इसे देखते हुए निर्भया तथा उसके दोस्त ने बस से ही आगे का सफर पूरा करने की योजना बनाई क्योंकि वह बस भी द्वारका ही जा रही थी, जहां उन्हें भी जाना था। इसी बस में 6 और लोग भी बैठे हुए थे। " More | 05 min 27 sec | |||
3 . मारपीट और गैंगरेप"स्लम एरिया में रहने वाले अपराधी प्रवृत्ति के राम सिंह और उसके अन्य साथियों ने निर्भया के दोस्त के साथ बुरी तरह से मारपीट की तो वहीं दूसरी ओर निर्भया को बस के पीछे ले जाकर उसके साथ हाथापायी भी की। यही नहीं इन अपराधियों ने बारी-बारी से उसके साथ रेप भी किया। निर्भया के विरोध करने पर लोहे की रॉड पीड़िता के शरीर में डालकर जानलेवा हमले तक किए गए। " More | 05 min 00 sec | |||
4 . चमत्कार की ही उम्मीद"ऑपरेशन रुम में निर्भया को ले गए। सीनियर डॉक्टरों ने कहा कि उन्होंने 20 साल इस पेशे में काम करते हुए हो गए लेकिन ऐसा केस आज तक कभी नहीं आया। उन्हें समझ नहीं आ रहा है कि निर्भया के शरीर के किस पार्ट का पहले ऑपरेशन किया जाए। डॉक्टरों ने आश्वासन दिया था कि उसकी हालत बहुत गंभीर है लेकिन वे अपनी तरफ से पूरी कोशिश कर रहे हैं, भगवान ही कोई चमत्कार कर सकते हैं। " More | 05 min 34 sec | |||
5 . हैवानियत का नहीं था अंदाजा"16 दिसंबर की शाम जब निर्भया वापस घर नहीं लौटी तो उसके घर वालों ने हर तरफ उसकी तलाश की। करीब 11 बजे रात हमें सफदरजंग अस्पताल से फोन आया और उधर से कहा गया कि आपकी बेटी सफदरजंग अस्पताल में भर्ती है, आ जाइए। " More | 07 min 17 sec | |||
6 . अस्पताल के बाहर लोगों की भारी भीड़"निर्भया को होश आया, तो उसने पानी और खाना मांगा, लेकिन डॉक्टरों ने बताया कि उसकी हालत ऐसी है कि उसे अभी कुछ नहीं दिया जा सकता है। निर्भया को इंसाफ दिलाने के लिए दुनियाभर में प्रदर्शन किए गए। एक दिन अस्पताल में जब वह बेहोश थी और उसका परिवार रो रहा था, तो डॉक्टरों ने उनसे कहा कि आपको बाहर कुछ दिखाते हैं। उन्होंने बाहर देखा कि लोग बड़ी संख्या में प्रदर्शन कर रहे थे। डॉक्टर ने बताया कि वे अकेले नहीं लड़ रहे हैं, उनके साथ रात-रात भर लाखों लोग प्रदर्शन कर रहे हैं और न्याय की मांग कर रहे हैं।" More | 05 min 27 sec | |||
7 . कई दिनों तक चला संघर्ष"बर्बरता की हदें पार करने वालों ने भी नहीं सोचा होगा कि वो जो कर रहे हैं वो कितना वीभत्स होगा। इलाज के दौरान जब निर्भया की मेडिकल जांच की गई तो पता चला कि रेपिस्टों ने हमलों के दौरान लोहे के रॉड से पीड़िता के प्राइवेट पार्ट्स के साथ-साथ उनकी आंत भी बाहर निकला दी थी। " More | 05 min 48 sec | |||
8 . इसलिए काफी पेचीदा था मामला"छाया शर्मा (महिला पुलिस अधिकारी) के मुताबिक़ जब ये मामला दर्ज हुआ था तब पुलिस के आगे सबसे बड़ी चुनौती आरोपियों तक पहुंचना थी। अक्सर बलात्कार के मामलों में आरोपी पीड़ित को जानता है लेकिन इस मामले में ऐसा नहीं था। पुलिस का काम इसलिए बहुत मुश्किल था कि उन्हें शुरुआत से मामले में तफ्तीश करनी पड़ी। रात में ही साउथ डिस्ट्रिक्ट के सभी पुलिस अधिकारी बुलाए। उसके साथी घायल लड़के ने बस का जो ब्योरा दिया था, वह नाकाफी था।" More | 05 min 30 sec | |||
9 . आखिरी साँस"कई दिनों तक निर्भया दिल्ली के अस्पतालों में जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष करती रही। फिर तत्कालीन मनमोहन सिंह सरकार ने 27 दिसंबर को उसे हवाई एंबुलेंस के जरिए सिंगापुर भेजा, लेकिन 29 दिसंबर की सुबह निर्भया ने अपनी छोटी सी जिंदगी की आखिरी सांस लीं। " More | 05 min 11 sec | |||
10 . 4 दोषियों को मौत की सजा"मार्च 2013 में मुख्य अभियुक्त राम सिंह ने तिहाड़ जेल में खुदकुशी कर ली। जबकि अगस्त 2013 में नाबालिग अभियुक्त को जुवेनाइल कोर्ट ने रेप और हत्या का दोषी घोषित करते हुए 3 साल के लिए बाल सुधार गृह भेज दिया। निर्भया कांड के शेष बचे चार दोषियों (मुकेश सिंह, विनय शर्मा, पवन गुप्ता और अक्षय ठाकुर) को सितंबर 2013 में दिल्ली की एक फास्ट ट्रैक कोर्ट ने गैंग रेप, हत्या और सबूत मिटाने के लिए दोषी ठहराया। चारों को मौत की सज़ा सुनाई गई। " More | 06 min 09 sec |
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