ख़्वाजा मेरे ख़्वाजा
Duration
1hr 4m
Language
Urdu
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Devotional
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1 - ख़्वाजा गरीब नवाज
03 min 58 sec
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2 - शेख सलीम चिश्ती
04 min 00 sec
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3 - बाबा कमर अली दरवेश
03 min 39 sec
1
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4 - पीर सैय्यद हाजी अली शाह बुखारी
03 min 45 sec
0
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5 - हज़रत निज़ामुद्दीन
04 min 03 sec
2
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6 - अलाउद्दीन साबिर कलियारी
05 min 49 sec
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7 - हज़रत ख़्वाजा कुतुबुद्दीन बख्तियार
05 min 22 sec
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8 - हज़रत ख़्वाजा गेसू दराज़
02 min 50 sec
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9 - हाजी वारिस अली शाह
04 min 21 sec
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10 - बू अली शाह क़लंदर
04 min 27 sec
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ख़्वाजा मेरे ख़्वाजा
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| Episodes | Duration | |||
1 . ख़्वाजा गरीब नवाजख़्वाजा गरीब नवाज इस्लाम धर्म के एक सूफी संत थे। जिन्होंने गरीबों की भलाई ले लिए कई कार्य किये है इसलिए ख़्वाजा गरीब नवाज को गरीबों का मसीहा भी कहा जाता है। उन्हें हजरत मोईनुद्दीन चिश्ती अजमेरी भी कहा जाता है। इस एपिसोड में जानते है उनके इतिहास और '' ख़्वाजा गरीब नवाज दरगाह'' के बारे में। More | 03 min 58 sec | |||
2 . शेख सलीम चिश्तीशेख सलीम चिश्ती एक सूफी संत थे उन्होंने अकबर और उसके बेटे को आशीर्वाद दिया था कि भविष्य में सलीम, जहांगीर के नाम से पहचाना जाएगा। अकबर ने समाधि का निर्माण संत के सम्मान में वर्ष १५८० और १५८१ के बीच करवाया। शेख सलीम चिश्ती की समाधि भारत के आगरा जिले में नगर से ३५ किलो मीटर दूर फतेहपुर सीकरी शहर में, ज़नाना रौजा के निकट, दक्षिण में बुलन्द दरवाजे़ की ओर मुख किये हुये, जामी मस्जिद की भीतर स्थित है। चलिए इस एपिसोड में जानते है ''सलीम चिश्ती की दरगाह'' के बारे में Aawaz.com के साथ। More | 04 min 00 sec | |||
3 . बाबा कमर अली दरवेशहजरत कमर अली नाम के एक सूफी संत थे। वह एक पहुंचे हुए युवा संत थे जिनका आसपास के गांवों में बहुत नाम था, लोग उनके पास अपनी तकलीफों को लेकर आते थे। संत हजरत लोगों की तकलीफों का समाधान अपने पाक मन और दिमाग से निकाला करते थे, जो उन्होंने काफी कम उम्र में हासिल किया था। माना जाता है कि उनकी मृत्यु 18 वर्ष की आयु में हो गई थी। उनकी मृत्यु के पश्चात उन्हें संत की उपाधि दी गई। चलिए इस एपिसोड में जानते है ''बाबा कमर अली दरवेश दरगाह और उससे जुड़े रहस्यमयी पत्थर के बारे में Aawaz.com के साथ। More | 03 min 39 sec | |||
4 . पीर सैय्यद हाजी अली शाह बुखारीपीर सैय्यद हाजी अली शाह बुखारी अमीर व्यापारी परिवार से थे। उन्होंने मक्का की तीर्थयात्रा करने के लिए अपनी सारी संपत्ति और भौतिक संपत्ति छोड़ दी। फिर, दुनिया भर में यात्रा करने के बाद, वह उन द्वीपों में से एक में बस गए जो आज मुंबई शहर माना जाता है और इस क्षेत्र में इस्लाम फैलाने के लिए अपना जीवन समर्पित करते हैं। इस एपिसोड में हम जानते है पीर सैय्यद हाजी अली शाह बुखारी के बारे। More | 03 min 45 sec | |||
5 . हज़रत निज़ामुद्दीनदक्षिणी दिल्ली में स्थित हजरत निजामुद्दीन औलिया का मकबरा सूफी काल की एक पवित्र दरगाह है। हजरत निज़ामुद्दीन चिश्ती घराने के चौथे संत थे। इस सूफी संत ने वैराग्य और सहनशीलता की मिसाल पेश की है। हम जानकारी लेंगे ''हज़रत निज़ामुद्दीन दरगाह'' और ''हजरत निजामुद्दीन औलिया'' के बारे में इस एपिसोड में। More | 04 min 03 sec | |||
6 . अलाउद्दीन साबिर कलियारीमखदूम अलाउद्दीन अली अहमद साबिर,जिसे ("कलियार का साबिर") के नाम से भी जाना जाता है, वे १३ वीं सदी में दक्षिण एशियाई सुन्नी मुस्लिम उपदेशक और सूफी संत थे। वे बाबा फरीद के भतीजे उत्तराधिकारी थे। आज उनकी दरगाह भारत के उत्तराखंड राज्य में हरिद्वार के पास कलियार कस्बे में है। अजमेर में अजमेर शरीफ के बाद दरगाह भारत में मुसलमानों के लिए सबसे श्रद्धेय धार्मिक स्थलों में से एक है। इस एपिसोड में हम जानते है। ''साबिर ऐ कलियारी'' के बारे में। More | 05 min 49 sec | |||
7 . हज़रत ख़्वाजा कुतुबुद्दीन बख्तियारहज़रत ख्वाजा कुतुबुद्दीन बख्तियार या ''कुतबुद्दीन बक्तियार काकी'' भारत में चिश्ती घराने के दूसरे संत थे, इस सूफी संत ने चिश्ती तरीके के भीतर सर्वभौमिक भाईचारा, एक मात्र ईश्वर पर पूर्ण विश्वास, दान, मानव समानता, दरिद्र लोगों की मदद, के पारंपरिक विचारों को जारी और विकसित किया था। आज के इस एपिसोड में हम जानते है ''ख्वाजा बक्तियार काकी'' के बारे में। More | 05 min 22 sec | |||
8 . हज़रत ख़्वाजा गेसू दराज़सैय्यद वल शरीफ़ कमालुद्दीन बिन मुहम्मद बिन यूसुफ़ अल हुसैनी जिन्हें आम तौर पर ''ख्वाजा बन्दा नवाज़ गेसू दराज़'' कहते हैं, चिश्ती तरीक़े के भारत से एक प्रसिद्ध सूफी संत थे, जिन्होंने समझ, सहिष्णुता की वकालत की, विभिन्न धार्मिक समूहों के बीच सद्भावना पैदा की। आज के इस एपिसोड में हम जानते है ''हज़रत ख़्वाजा गेसू दराज़'' के बारे में। More | 02 min 50 sec | |||
9 . हाजी वारिस अली शाहहाजी वारिस अली शाह या ''सरकार वारिस'' पाक १८१९-१९०५ ईंसवी के मध्य में एक सूफी संत थे, आप तमाम इंसानों को एक ही ईश्वर की कृति माने, इसलिए आप जाति-धर्म, ऊंच-नीच और अमीर-गरीब की भावना से मुक्त होकर जगत के सारे इंसानों से प्रेम किये और संदेश दिये, "प्रेम ही उत्तम कर्तव्य हैं"। इस एपिसोड में हम जानते है ''हाजी वारिस अली शाह '' के बारे में। More | 04 min 21 sec | |||
10 . बू अली शाह क़लंदरबू अली शाह क़लंदर भारत में चिश्ती आदेश के एक सूफी संत थे जो भारत में रहते थे और पढ़ाते थे। पानीपत शहर के बू अली शाह कलंदर दरगाह में उनका मक़बरा या दरगाह (कब्र) एक तीर्थस्थल है। उनका असली नाम शेख शरफुद्दीन था लेकिन वह ''बू अली शाह'' के नाम से प्रसिद्ध हैं। इस एपिसोड में हम जानते है '' बू अली शाह क़लंदर'' के बारे में। More | 04 min 27 sec |
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