मैला आँचल - फणीश्वरनाथ रेणु
Duration
4hr 55m
Language
Hindi
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Category
Stories
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1 - प्रथम खंड
11 min 09 sec
10
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2 - दो
13 min 47 sec
4
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3 - तीन
13 min 35 sec
2
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4 - चार
17 min 27 sec
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5 - पाँच
16 min 19 sec
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6 - छह
13 min 46 sec
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7 - सात
11 min 44 sec
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8 - आठ
14 min 13 sec
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9 - नौ
12 min 32 sec
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10 - दस
09 min 42 sec
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मैला आँचल - फणीश्वरनाथ रेणु
About Show
| Episodes | Duration | |||
1 . प्रथम खंडमैला आँचल उपन्यास की शुरुआत 1946 में बिहार के एक पिछड़े गाँव मेरीगंज में मिलेट्री के आने से होता है। 1946 में उपन्यास के घटनाक्रम को आरंभ करते समय रेणु ने 1942 के जन आंदोलन के प्रभाव और पृष्ठभूमि को भी साथ ही चित्रित करते हैं। गाँव की सामाजिक पृष्ठभूमि, उसका जातिगत विभाजन, उसका मानसिक पिछड़ापन वे प्रथम अध्याय में बता देते हैं। More | 11 min 09 sec | |||
2 . दोइस एपिसोड में हम सुनेंगे पूर्णिया जिले के गाँव और कस्बों के बारे में कुछ बातें और जानेंगे यहां के लोगों को रहने के ढंग और उनकी संस्कृति के बारे में। चलिए सुनते हैं, कहानी दूसरा एपिसोड। More | 13 min 47 sec | |||
3 . तीनगांव में डिस्टीबोट के मिस्तिरी लोग आए हैं और बालदेव के उत्साह का ठिकाना नहीं है। अब कौन है ये लोग? क्यों आए हैं गांव में ? और इनका बलदेव से क्या लेना देना है जानते हैं? इस एपिसोड में। More | 13 min 35 sec | |||
4 . चारइस एपिसोड में हम सुनेंगे, कैसे बालदेव ने पहली बार लक्ष्मी की ओर गरदन उठाकर देखने की हिम्मत की और कैसे निगाहें ऊपर उठीं और लक्ष्मी की बड़ी-बड़ी आँखों में वह खो गया। जैसे आँखों में समा गया बालदेव शायद। More | 17 min 27 sec | |||
5 . पाँचआज मठ पर गाँव-भर के मुखिया लोगों की पंचायत बैठी है। लेकिन गाँव की पंचायत में सभी अपनी बात पहले कहना चाहते हैं। सब एक ही साथ बोलना चाहते हैं। बातें बढ़ती जाती हैं और असल सवाल बातों के बवंडर में दबा जा रहा है। आखिर यह पंचायत किस लिए बैठी है ? और क्या इस में चर्चा होना है जानते हैं। इस एपिसोड में। More | 16 min 19 sec | |||
6 . छहबालदेव जी को मठ से लौटने में देर हो गई थी। लौटकर सुना, खेलावन भैया की तबियत खराब है। आँगन में सोये हैं। आखिर खेलावन भैया को हुआ क्या और क्या करते हैं, बालदेव जी ? अब आगे क्या होता है, कहानी में सुनते हैं इस एपिसोड में। More | 13 min 46 sec | |||
7 . सातइस एपिसोड में हम सुनेंगे क्यों प्यारू को सबों ने चारों ओर से घेर लिया? और उससे सवाल करने लगा तुम्हारा क्या नाम है ? कौन जात है ? जनेऊ नहीं है ? अब आगे क्या होता है प्यारु के साथ ? जानते हैं इस एपिसोड में। More | 11 min 44 sec | |||
8 . आठबालदेव जी के लिए लक्ष्मी की बातों का जवाब देना सहज नहीं। जब-जब लक्ष्मी से बातें होती हैं, बालदेव जी को नई बातों की जानकारी होती है। अब इन दो कहानी के पत्रों के बीच आगे क्या होता हैं, जान ना बहुत ही दिलचस्प होगा। तो चलिए सुनते हैं कहानी का आठवां एपिसोड। More | 14 min 13 sec | |||
9 . नौगांव में डाक्टर प्रशान्तकुमार का आगमन हो गया है। उनसे उनके नाम पूछने के बाद ही लोग यहाँ पूछते हैं उनसे उनकी जात ? जीवन में बहुत कम लोगों ने प्रशान्त से उसकी जाति के बारे में पूछा है। लेकिन यहाँ तो हर आदमी जाति पूँछता है। अब आगे क्या होता है कहानी में सुनते हैं इस एपिसोड में। More | 12 min 32 sec | |||
10 . दसडाक्टर प्रशान्तकुमार के क्लिनिक में दस्तक होती हैं गांव के एक व्यक्ति विश्वनाथ प्रसाद की। वो उन्हें अपने घर बुलाते हैं, उनकी बेटी को देखने के लिए जो पिछले कुछ समय से बेहोश है। अब उस लड़की को क्या हुआ है ? बिना मेडिकल हिस्ट्री जानें वे उसे क्या दवाई देंगे ? और कैसे इलाज करेंगे उसका ? सुनते हैं इस एपिसोड में। More | 09 min 42 sec |
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