बातें किताबों से
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1hr 25m
Language
Urdu
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Stories
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1 - भगवतीचरण वर्मा - चित्रलेखा
04 min 55 sec
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2 - गुनाहों का देवता - धर्मवीर भारती
09 min 06 sec
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3 - मैला आंचल -फणीश्वरनाथ रेणु
08 min 38 sec
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4 - निर्मला - मुंशी प्रेमचन्द
08 min 34 sec
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5 - पिंजर - अमृता प्रीतम
09 min 34 sec
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6 - गोदान - मुंशी प्रेमचंद
08 min 45 sec
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7 - रेत समाधि - गीतांजलि श्री
08 min 03 sec
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8 - उमराव जान अदा - मिर्जा़ हादी रुसवा
08 min 37 sec
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9 - पूस की रात - मुंशी प्रेमचंद
10 min 09 sec
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10 - रागदरबारी - श्रीलाल शुक्ल
08 min 47 sec
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बातें किताबों से
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| Episodes | Duration | |||
1 . भगवतीचरण वर्मा - चित्रलेखा"चित्रलेखा कथा पाप और पुण्य की समस्या पर आधारित है, जिसमें पाप किया है?, उसका निवास कहां है? कहानी की शुरुआत इन्हीं प्रश्नों के उत्तर के साथ होता है और इन्हीं प्रश्नों के उत्तर को खोजने के लिए महाप्रभु रत्नाबंर के दो शिष्य जिनका नाम श्वेतांक और विशाल देव है। वे सामंत बिजगुप्त और योगी कुमारगिरी के शरण में जाते हैं, जहां पर रहते हुए उन्हें इन प्रश्नों का जवाब मिलता है।" More | 04 min 55 sec | |||
2 . गुनाहों का देवता - धर्मवीर भारती"इस एपिसोड में हम जिक्र करेंगे, गुनाहो का देवता मध्यम वर्गीय भारतीय समाज के एक साधारण परिवार की कहानी है। कहानी तीन मुख्या किरदारों के इर्द गिर्द ही घूमती हैं। यह है सुधा, चन्दर और पम्मी। प्रेम, समर्पण और समाज के बंधनो की कहानी है गुनाहो का देवता। साधारण भाषा में लिखी गयी यह पुस्तक समाज का दर्पण दिखती है। " More | 09 min 06 sec | |||
3 . मैला आंचल -फणीश्वरनाथ रेणु"इस एपिसोड में हम जिक्र करेंगे, 'मैला आँचल' किताब का। इस किताब को लेखक फणीश्वरनाथ रेणु ने लिखा है। इसे 'जाति समाज' और 'वर्ग चेतना' के बीच विरोधाभास की कथा कहते हैं। तो चलिए सुनते हैं, इस एपिसोड में कुछ दिलचस्प बातें इस किताब के बारे में। " More | 08 min 38 sec | |||
4 . निर्मला - मुंशी प्रेमचन्द"इस एपिसोड में हम जिक्र करेंगे, ''निर्मला'' कहानी का जो मुंशी प्रेमचन्द द्वारा रचित प्रसिद्ध हिन्दी उपन्यास है। इसका प्रकाशन सन १९२७ में हुआ था। सन १९२६ में दहेजप्रथा और अनमेल विवाह को आधार बना कर इस उपन्यास का लेखन प्रारम्भ हुआ था। तो चलिए सुनते हैं, इस एपिसोड में कुछ ख़ास बातें इस कहानी के बारे में। " More | 08 min 34 sec | |||
5 . पिंजर - अमृता प्रीतम"इस एपिसोड में हम जिक्र करेंगे, पिंजर किताब का। इसे लिखा है लेखिका अमृता प्रीतम जी ने। इस किताब को 1950 के आस-पास लिखा गया है। यह उपन्यास बंटवारे के दौरान अमृता प्रीतम के खुद के पाकिस्तान छोड़ हिंदुस्तान आने और उन दिनों के हालात से प्रभावित हो कर लिखा गया। तो चलिए सुनते हैं, इस एपिसोड में कुछ ख़ास बातें इस किताब के बारे में। " More | 09 min 34 sec | |||
6 . गोदान - मुंशी प्रेमचंद"इस एपिसोड में हम जिक्र करेंगे, गोदान किताब का जिसे 1936 में प्रकाशित किया गया था, यह मुंशी प्रेमचंद के प्रमुख कार्यों में से एक है ''गोदान'', जिसका अर्थ है ""एक गाय का उपहार"", यह एक उपन्यास है जो आपको एक सुंदर प्रेम-नफरत संबंधी रिश्ते के माध्यम से ले जाता है। तो चलिए सुनते हैं, इस एपिसोड में कुछ ख़ास बातें इस किताब के बारे में। " More | 08 min 45 sec | |||
7 . रेत समाधि - गीतांजलि श्री"इस एपिसोड में हम जिक्र करेंगे, ''रेत समाधि'' किताब का। जो मध्यम वर्गीय परिवार की दिनचर्या, रिश्तों-नातों, नोंक-झोंक, भाव-विडंबनाओं, लगाव-अलगाव और सपने-उम्मीदों को रेखांकित करता चलता है। ऐसे ही परिवार की दो स्त्रियां, एक बेटी और एक मां, एक बड़ी होती और दूसरी उम्र के साथ छोटी, एक गंभीर और ज़िम्मेदार तो दूसरी उम्र के साथ आज़ाद और आबाद, इस कहानी की धुरी हैं, जिस पर सारा उपन्यास घूमता रहता है। मां और बेटी के बीच के रिश्ते को बड़ी बारीकी से रेत समाधि उकेरता चलता है।" More | 08 min 03 sec | |||
8 . उमराव जान अदा - मिर्जा़ हादी रुसवा"इस एपिसोड में हम जिक्र करेंगे, तवायफों के कोठों की रौनक के पीछे उनकी जिंदगी का एक ग़मगीन खंडहर होता है जिसके मलबे में तवायफ बनने की दर्दनाक दास्तां दबी होती है। मिर्जा़ हादी रुसवा की ‘‘उमराव जान अदा’’ ऐसी ही एक शोख, दिलकश तवायफ की कहानी है जिसके घुंघरुवों की खनक के पीछे दबा है उसका बद्नसीब अतीत। तो चलिए सुनते हैं, इस एपिसोड में कुछ ख़ास बातें इस किताब के बारे में। " More | 08 min 37 sec | |||
9 . पूस की रात - मुंशी प्रेमचंद"इस एपिसोड में हम जिक्र करेंगे, ''पूस की रात'' कहानी का यह महान हिंदी लेखक मुंशी प्रेमचंद की एक बहुत प्रसिद्ध कहानी है। ‘पूस की रात’ में हल्कू के माध्यम से कहानीकार ने भारतीय किसान की लाचारी का यथार्थ चित्रण किया है । तो चलिए सुनते हैं, इस एपिसोड में कुछ ख़ास बातें इस कहानी के बारे में। " More | 10 min 09 sec | |||
10 . रागदरबारी - श्रीलाल शुक्ल"रागदरबारी विख्यात हिन्दी साहित्यकार श्रीलाल शुक्ल की प्रसिद्ध व्यंग्य रचना है जिसके लिये उन्हें सन 1969 में साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया। यह ऐसा उपन्यास है जो गाँव की कथा के माध्यम से आधुनिक भारतीय जीवन की मूल्यहीनता को सहजता और निर्ममता से अनावृत करता है। शुरू से अन्त तक इतने निस्संग और सोद्देश्य व्यंग्य के साथ लिखा गया हिंदी का शायद यह पहला वृहत् उपन्यास है।" More | 08 min 47 sec |
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