Logo
Logo
mic
Download
आवाज़-ए-कलम

आवाज़-ए-कलम

Duration

0hr 35m

Language

Hindi

Released

Category

Stories

Like

Favorite

like

Review

play

Play

share

Share

कविताएं, हमारी बहती भावनाओं की तरह है, जिसे कोई रोक नहीं सकता। अपनी भावनाओं को बताने के लिए अक्सर कवि कविताओं का प्रयोग करते है। यह कहना गलत नहीं होगा कि जितना पुराना मानव का इतिहास है, उतना ही पुराना कविताओं का भी इतिहास है। हर मूड में सुनी जाने वाली कविताओं के इस शो 'आवाज़ ए कलम' हम लेकर आए हैं।

Read More

ट्रेलर

1 - ट्रेलर

01 min 20 sec

Like

19

play...

Episode info

info

Share Episode

share
अहमद फ़राज़ - ज़ख्म ना भरते कोई और ...

2 - अहमद फ़राज़ - ज़ख्म ना भरते कोई और ...

01 min 27 sec

Like

11

play...

Episode info

info

Share Episode

share
अहमद फ़राज़ - जूनून ए मुसाफत में घर से निकले थे। .

3 - अहमद फ़राज़ - जूनून ए मुसाफत में घर से निकले थे। .

01 min 18 sec

Like

4

play...

Episode info

info

Share Episode

share
अहमद फ़राज़ -  ख़ुशबू का सफ़र देखेगा कौन

4 - अहमद फ़राज़ - ख़ुशबू का सफ़र देखेगा कौन

01 min 16 sec

Like

2

play...

Episode info

info

Share Episode

share
फैज़ अहमद फैज़ - सब कटा होके तेरे मुक्काबिल से आई हैं

5 - फैज़ अहमद फैज़ - सब कटा होके तेरे मुक्काबिल से आई हैं

01 min 21 sec

Like

1

play...

Episode info

info

Share Episode

share
दुष्यंत कुमार - घर में किस तरह सहेजूं मन को.

6 - दुष्यंत कुमार - घर में किस तरह सहेजूं मन को.

01 min 32 sec

Like

1

play...

Episode info

info

Share Episode

share
दुष्यंत कुमार - नज़र-नवाज़ नज़ारा बदल न जाए कहीं

7 - दुष्यंत कुमार - नज़र-नवाज़ नज़ारा बदल न जाए कहीं

01 min 27 sec

Like

2

play...

Episode info

info

Share Episode

share
दुष्यंत कुमार - इस हिमालय से कोई गंगा निकलनी चाहिए

8 - दुष्यंत कुमार - इस हिमालय से कोई गंगा निकलनी चाहिए

01 min 15 sec

Like

3

play...

Episode info

info

Share Episode

share
दुष्यंत कुमार- मेरे स्वप्न तुम्हारे पास सहारा पाने आयेंगे

9 - दुष्यंत कुमार- मेरे स्वप्न तुम्हारे पास सहारा पाने आयेंगे

01 min 58 sec

Like

1

play...

Episode info

info

Share Episode

share
अहमद फ़राज़ - करूँ न याद मगर किस तरह भुलाऊँ उसे

10 - अहमद फ़राज़ - करूँ न याद मगर किस तरह भुलाऊँ उसे

01 min 23 sec

Like

1

play...

Episode info

info

Share Episode

share

आवाज़-ए-कलम

Stories|Hindi|23 Episodes
Like
share
like

About Show

कविताएं, हमारी बहती भावनाओं की तरह है, जिसे कोई रोक नहीं सकता। अपनी भावनाओं को बताने के लिए अक्सर कवि कविताओं का प्रयोग करते है। यह कहना गलत नहीं होगा कि जितना पुराना मानव का इतिहास है, उतना ही पुराना कविताओं का भी इतिहास है। हर मूड में सुनी जाने वाली कविताओं के इस शो 'आवाज़ ए कलम' हम लेकर आए हैं।

....Loading

EpisodesDuration
ट्रेलर

1 . ट्रेलर

कविताएं, हमारी बहती भावनाओं की तरह है, जिसे कोई रोक नहीं सकता। अपनी भावनाओं को बताने के लिए अक्सर कवि कविताओं का प्रयोग करते है। यह कहना गलत नहीं होगा कि जितना पुराना मानव का इतिहास है, उतना ही पुराना कविताओं का भी इतिहास है। हर मूड में सुनी जाने वाली कविताओं के इस शो 'आवाज़ ए कलम' हम लेकर आए हैं।

More

01 min 20 sec

play

share

अहमद फ़राज़ - ज़ख्म ना भरते कोई और ...

2 . अहमद फ़राज़ - ज़ख्म ना भरते कोई और ...

कविता - अहमद फ़राज़ आवाज़ - लव तोमर

More

01 min 27 sec

play

share

अहमद फ़राज़ - जूनून ए मुसाफत में घर से निकले थे। .

3 . अहमद फ़राज़ - जूनून ए मुसाफत में घर से निकले थे। .

आवाज़ - लव तोमर कवि - अहमद फ़राज़

More

01 min 18 sec

play

share

अहमद फ़राज़ -  ख़ुशबू का सफ़र देखेगा कौन

4 . अहमद फ़राज़ - ख़ुशबू का सफ़र देखेगा कौन

आवाज़ - लव तोमर कवि - अहमद फ़राज़

More

01 min 16 sec

play

share

फैज़ अहमद फैज़ - सब कटा होके तेरे मुक्काबिल से आई हैं

5 . फैज़ अहमद फैज़ - सब कटा होके तेरे मुक्काबिल से आई हैं

आवाज़ - लव तोमर कवी - फैज़ अहमद फैज़

More

01 min 21 sec

play

share

दुष्यंत कुमार - घर में किस तरह सहेजूं मन को.

6 . दुष्यंत कुमार - घर में किस तरह सहेजूं मन को.

आवाज़ - लव तोमर कवि - दुष्यंत कुमार

More

01 min 32 sec

play

share

दुष्यंत कुमार - नज़र-नवाज़ नज़ारा बदल न जाए कहीं

7 . दुष्यंत कुमार - नज़र-नवाज़ नज़ारा बदल न जाए कहीं

आवाज़ - लव तोमर कवि - दुष्यंत कुमार

More

01 min 27 sec

play

share

दुष्यंत कुमार - इस हिमालय से कोई गंगा निकलनी चाहिए

8 . दुष्यंत कुमार - इस हिमालय से कोई गंगा निकलनी चाहिए

आवाज़ - लव तोमर कवि - दुष्यंत कुमार

More

01 min 15 sec

play

share

दुष्यंत कुमार- मेरे स्वप्न तुम्हारे पास सहारा पाने आयेंगे

9 . दुष्यंत कुमार- मेरे स्वप्न तुम्हारे पास सहारा पाने आयेंगे

आवाज़ - लव तोमर कवि - दुष्यंत कुमार

More

01 min 58 sec

play

share

अहमद फ़राज़ - करूँ न याद मगर किस तरह भुलाऊँ उसे

10 . अहमद फ़राज़ - करूँ न याद मगर किस तरह भुलाऊँ उसे

आवाज़ - लव तोमर कवि - अहमद फ़राज़

More

01 min 23 sec

play

share

You may also like

Picture of the author

S1E1: D'Evil

play
Picture of the author

क्षितिज की कहानी

play
Picture of the author

हिरण्यकश्यप की तपस्या

play
Picture of the author

बहिणाबाई चौधरी

play
Picture of the author

સર્જન

play
Picture of the author

પ્રસ્તાવના

play