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श्रीमद्‍भगवद्‍गीता - अध्याय १५

श्रीमद्‍भगवद्‍गीता - अध्याय १५

Duration

0hr 58m

Language

Hindi

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Category

Devotional

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इस शो में हम आपको श्रीमदभगवद्गगीता के पंद्रहवें अध्याय के श्लोक सुनाएंगे और उनके मतलब समझाएंगे।

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श्लोक १

1 - श्लोक १

03 min 48 sec

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श्लोक २

2 - श्लोक २

03 min 18 sec

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श्लोक ३ - श्लोक ४

3 - श्लोक ३ - श्लोक ४

04 min 54 sec

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श्लोक ५

4 - श्लोक ५

03 min 26 sec

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7

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श्लोक ६

5 - श्लोक ६

04 min 20 sec

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6

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श्लोक ७

6 - श्लोक ७

05 min 04 sec

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श्लोक ८

7 - श्लोक ८

02 min 59 sec

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श्लोक ९

8 - श्लोक ९

02 min 06 sec

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श्लोक १०

9 - श्लोक १०

02 min 24 sec

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श्लोक ११

10 - श्लोक ११

02 min 47 sec

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श्रीमद्‍भगवद्‍गीता - अध्याय १५

Devotional|Hindi|19 Episodes
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About Show

इस शो में हम आपको श्रीमदभगवद्गगीता के पंद्रहवें अध्याय के श्लोक सुनाएंगे और उनके मतलब समझाएंगे।

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श्लोक १

1 . श्लोक १

"ऊध्र्वमूलम्, अधःशाखम्, अश्वत्थम्, प्राहुः, अव्ययम्, छन्दांसि, यस्य, पर्णानि, यः, तम्, वेद, सः, वेदवित्।।1।।"

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03 min 48 sec

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श्लोक २

2 . श्लोक २

"अधः, च, ऊध्र्वम्, प्रसृृताः, तस्य, शाखाः, गुणप्रवृृद्धाः, विषयप्रवालाः, अधः, च, मूलानि, अनुसन्ततानि, कर्मानुबन्धीनि, मनुष्यलोके।।2।।"

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03 min 18 sec

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श्लोक ३ - श्लोक ४

3 . श्लोक ३ - श्लोक ४

"न, रूपम्, अस्य, इह, तथा, उपलभ्यते, न, अन्तः, न, च, आदिः, न, च, सम्प्रतिष्ठा, अश्वत्थम्, एनम्, सुविरूढमूलम्, असङ्गशस्त्रोण, दृढेन, छित्वा।।3।। ततः, पदम्, तत्, परिमार्गितव्यम्, यस्मिन्, गताः, न, निवर्तन्ति, भूयः, तम्, एव्, च, आद्यम्, पुरुषम्, प्रपद्ये, यतः, प्रवृत्तिः, प्रसृता, पुराणी।।4।।"

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04 min 54 sec

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श्लोक ५

4 . श्लोक ५

"निर्मानमोहाः, जितसंगदोषाः, अध्यात्मनित्याः, विनिवृत्तकामाः, द्वन्द्वैः, विमुक्ताः, सुखदुःखसंज्ञैः, गच्छन्ति, अमूढाः, पदम्, अव्ययम्, तत्।। 5।।"

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03 min 26 sec

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श्लोक ६

5 . श्लोक ६

"न, तत्, भासयते, सूर्यः, न, शशांकः, न, पावकः, यत्, गत्वा, न, निवर्तन्ते, तत्, धाम, परमम्, मम्।।6।।"

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04 min 20 sec

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श्लोक ७

6 . श्लोक ७

"मम, एव, अंशः, जीवलोके, जीवभूतः, सनातनः, मनःषष्ठानि, इन्द्रियाणि, प्रकृतिस्थानि, कर्षति।।7।।"

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05 min 04 sec

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श्लोक ८

7 . श्लोक ८

"शरीरम्, यत्, अवाप्नोति, यत्, च, अपि, उत्क्रामति, ईश्वरः, गृृहीत्वा, एतानि, संयाति, वायुः, गन्धान्, इव, आशयात्।।8।।"

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02 min 59 sec

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श्लोक ९

8 . श्लोक ९

"श्रोत्रम्, चक्षुः, स्पर्शनम्, च, रसनम्, घ्राणम्, एव, च, अधिष्ठाय, मनः, च, अयम्, विषयान्, उपसेवते।।9।।"

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02 min 06 sec

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श्लोक १०

9 . श्लोक १०

"उत्क्रामन्तम्, स्थितम्, वा, अपि, भु×जानम्, वा, गुणान्वितम्, विमूढाः, न, अनुपश्यन्ति, पश्यन्ति, ज्ञानचक्षुषः।।10।।"

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02 min 24 sec

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श्लोक ११

10 . श्लोक ११

"यतन्तः, योगिनः, च, एनम्, पश्यन्ति, आत्मनि, अवस्थितम्, यतन्तः, अपि, अकृतात्मानः, न, एनम्, पश्यन्ति, अचेतसः।।11।।"

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02 min 47 sec

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