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श्रीमद्‍भगवद्‍गीता - अध्याय १६

श्रीमद्‍भगवद्‍गीता - अध्याय १६

Duration

1hr 9m

Language

Hindi

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Category

Devotional

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इस शो में हम आपको श्रीमदभगवद्गगीता के सोलहवें अध्याय के श्लोक सुनाएंगे और उनके मतलब समझाएंगे।

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श्लोक १, श्लोक २ और श्लोक ३

1 - श्लोक १, श्लोक २ और श्लोक ३

10 min 37 sec

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श्लोक ४

2 - श्लोक ४

05 min 04 sec

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श्लोक ५

3 - श्लोक ५

01 min 39 sec

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श्लोक ६, श्लोक ७ और श्लोक ८

4 - श्लोक ६, श्लोक ७ और श्लोक ८

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श्लोक ९

5 - श्लोक ९

03 min 46 sec

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श्लोक १०

6 - श्लोक १०

04 min 04 sec

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श्लोक ११ और श्लोक १२

7 - श्लोक ११ और श्लोक १२

08 min 19 sec

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श्लोक १३, श्लोक १४, श्लोक  १५ और श्लोक १६

8 - श्लोक १३, श्लोक १४, श्लोक १५ और श्लोक १६

05 min 20 sec

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श्लोक १७

9 - श्लोक १७

02 min 50 sec

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श्लोक १८

10 - श्लोक १८

03 min 36 sec

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श्रीमद्‍भगवद्‍गीता - अध्याय १६

Devotional|Hindi|16 Episodes
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About Show

इस शो में हम आपको श्रीमदभगवद्गगीता के सोलहवें अध्याय के श्लोक सुनाएंगे और उनके मतलब समझाएंगे।

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श्लोक १, श्लोक २ और श्लोक ३

1 . श्लोक १, श्लोक २ और श्लोक ३

"अभयम्, सत्त्वसंशुद्धिः, ज्ञानयोगव्यवस्थितिः, दानम्, दमः, च, यज्ञः, च, स्वाध्यायः, तपः, आर्जवम् अहिंसा, सत्यम्, अक्रोधः, त्यागः, शान्तिः, अपैशुनम्, दया, भूतेषु, अलोलुप्त्वम्, मार्दवम्, ह्री, अचापलम् तेजः, क्षमा, धृतिः, शौचम्, अद्रोहः, नातिमानिता, भवन्ति, सम्पदम्, दैवीम्, अभिजातस्य, भारत"

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10 min 37 sec

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श्लोक ४

2 . श्लोक ४

"दम्भः, दर्पः, अभिमानः, च, क्रोधः, पारुष्यम्, एव, च, अज्ञानम्, च, अभिजातस्य, पार्थ, सम्पदम्, आसुरीम्,"

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05 min 04 sec

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श्लोक ५

3 . श्लोक ५

"दैवी, सम्पत्, विमोक्षाय, निबन्धाय, आसुरी, मता, मा, शुचः, सम्पदम्, दैवीम्, अभिजातः, असि, पाण्डव"

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श्लोक ६, श्लोक ७ और श्लोक ८

4 . श्लोक ६, श्लोक ७ और श्लोक ८

"द्वौ, भूतसर्गौ, लोके, अस्मिन्, दैवः, आसुरः, एव, च, दैवः, विस्तरशः, प्रोक्तः, आसुरम्, पार्थ, मे, श्रृणु प्रवृत्तिम्, च, निवृत्तिम्, च, जनाः, न, विदुः, आसुराः, न, शौचम्, न, अपि, च, आचारः, न, सत्यम्, तेषु, विद्यते असत्यम्, अप्रतिष्ठम्, ते, जगत्, आहुः, अनीश्वरम्, अपरस्परसम्भूतम्, किम्, अन्यत्, कामहैतुकम्"

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07 min 10 sec

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श्लोक ९

5 . श्लोक ९

"एताम्, दृष्टिम्, अवष्टभ्य, नष्टात्मानः, अल्पबुद्धयः, प्रभवन्ति, उग्रकर्माणः, क्षयाय, जगतः, अहिताः"

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03 min 46 sec

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श्लोक १०

6 . श्लोक १०

"कामम्, आश्रित्य, दुष्पूरम्, दम्भमानमदान्विताः, मोहात्, गृहीत्वा, असद्ग्राहान्, प्रवर्तन्ते, अशुचिव्रताः"

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श्लोक ११ और श्लोक १२

7 . श्लोक ११ और श्लोक १२

"चिन्ताम्, अपरिमेयाम्, च, प्रलयान्ताम्, उपाश्रिताः, कामोपभोगपरमाः, एतावत्, इति, निश्चिताः आशापाशशतैः, बद्धाः, कामक्रोधपरायणाः, ईहन्ते, कामभोगार्थम्, अन्यायेन, अर्थस×चयान्"

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08 min 19 sec

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श्लोक १३, श्लोक १४, श्लोक  १५ और श्लोक १६

8 . श्लोक १३, श्लोक १४, श्लोक १५ और श्लोक १६

"इदम्, अद्य, मया, लब्धम्, इमम्, प्राप्स्ये, मनोरथम्, इदम्, अस्ति, इदम्, अपि, मे, भविष्यति, पुनः, धनम् असौ, मया, हतः, शत्रुः, हनिष्ये, च, अपरान्, अपि, ईश्वरः, अहम्, अहम्, भोगी, सिद्धः, अहम्, बलवान्, सुखी आढ्यः, अभिजनवान्, अस्मि, कः, अन्यः, अस्ति, सदृशः, मया, यक्ष्ये, दास्यामि, मोदिष्ये, इति, अज्ञानविमोहिताः अनेकचितविभ्रान्ताः, मोहजालसमावृताः, प्रसक्ताः, कामभोगेषु, पतन्ति, नरके, अशुचै"

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श्लोक १७

9 . श्लोक १७

"आत्सम्भाविताः, स्तब्धाः, धनमानमदान्विताः, यजन्ते, नामयज्ञैः, ते, दम्भेन, अविधिपूर्वकम्"

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02 min 50 sec

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श्लोक १८

10 . श्लोक १८

"अहंकारम्, बलम्, दर्पम्, कामम्, क्रोधम्, च, संश्रिताः, माम्, आत्मपरदेहेषु, प्रद्विषन्तः, अभ्यसूयकाः"

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03 min 36 sec

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