नटवरलाल - सबसे बड़ा ठग
Duration
0hr 24m
Language
Hindi
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Category
Stories
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1 - परिचय
02 min 56 sec
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2 - पहली चोरी
02 min 21 sec
20
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3 - राजीव गांधी के नाम पर ठगी
02 min 36 sec
19
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4 - राष्ट्रपति के हस्ताक्षर
02 min 32 sec
18
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5 - पुलिस को चकमा
02 min 43 sec
15
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6 - पुलिस से करवाई मजदूरी
02 min 36 sec
19
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7 - नटवर लाल का इंटरव्यू
03 min 33 sec
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8 - मृत्यु को भी धोखा दिया?
02 min 12 sec
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9 - डा. राजेंद्र प्रसाद से मुलाक़ात
02 min 38 sec
15
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नटवरलाल - सबसे बड़ा ठग
About Show
| Episodes | Duration | |||
1 . परिचयनटवर लाल का जन्म बिहार के सीवान जिले के जीरादेई गाँव में हुआ था। वैसे तो इनका नाम मिथिलेश कुमार श्रीवास्तव था। परन्तु ठगी की घटना को नटवर लाल के नाम से ज्यादा अंजाम देने के कारण, वह इस नाम से मशहूर हो गए। नटवर लाल ने यह सब शुरू कैसे किया और उसके बाद क्या-क्या किया आइये जानते हैं। More | 02 min 56 sec | |||
2 . पहली चोरीनटवर लाल ने वकालत पढ़ रखी थी। लेकिन उसका वकालत में मन नहीं लगा। वो तो कुछ और ही करना चाहता था तो उसने ठगी व चोरी का रास्ता चुन लिया। उसकी सबसे पहली चोरी 1000 रूपए की थी। जो कि उसने अपने पडोसी के नकली हस्ताक्षर कर, उनके बैंक खाते से निकलवाए थे। उसे तब यह ज्ञान हुआ कि वो किसी के भी जाली दस्तखत कर सकता है। बस फिर क्या था उसने इस हुनर का बखूबी उपयोग किया। More | 02 min 21 sec | |||
3 . राजीव गांधी के नाम पर ठगीइस एपिसोड हम सुनेंगे कैसे नटवर लाल ने दिल्ली के कनाट प्लेस स्थित एक घड़ी की दुकान में सफेद कमीज और पैंट पहन कर खुद का परिचय वित्तमंत्री नारायण दत्त तिवारी के पर्सनल स्टाफ डी.एन. तिवारी रूप में देकर दुकानदार को ठग लिया। More | 02 min 36 sec | |||
4 . राष्ट्रपति के हस्ताक्षरनटवर लाल के हाथ ऐसा जादुई चिराग लग चुका था जिससे वो कुछ ऐसा करने वाला था जो कोई साधारण व्यक्ति सोच भी नहीं सकता। वो जादुई चिराग था “राष्ट्रपति के हस्ताक्षर”। जिनका प्रयोग कर उसने तीन बार ताजमहल, दो बार लाल किला और एक बार राष्ट्रपति भवन बेच दिया। वो इतने पर ही नहीं रुका, बढ़ता ही चला गया। नटवर लाल ने ऐसा कर दिखाया की किसे ने सोचा भी होगा। उसने संसद भवन को उसके 545 संसद सहित बेच दिया था। More | 02 min 32 sec | |||
5 . पुलिस को चकमाएक बार 75 वर्ष की आयु में 3 हवलदार नटवर लाल को पुरानी दिल्ली की तिहाड़ जेल से कानपुर ले जाने के लिए रेलवे स्टेशन पर लाये। नटवरलाल जोर-जोर से हांफने लगा और एक हवलदार से बीमारी का बहाना लगा उसे दवाई लाने को कहा, दूसरे को पानी लेने भेजा और तीसरे को टॉयलेट का बहाना बनाकर लेट्रिन की बाथरूम से भाग गया। नटवरलाल के और भी ऐसे कुछ किस्से सुनते हैं हमारे इस शो के अगले एपिसोड में। More | 02 min 43 sec | |||
6 . पुलिस से करवाई मजदूरीइस एपिसोड में हम आपको सुनाएंगे वो किस्सा जो लखनऊ के जेल में अभी भी मशहूर है। इस एपिसोड आप सुनेंगे कैसे जेल में रह कर नटवर लाल ने करवाई से पुलिस से मजदूरी। More | 02 min 36 sec | |||
7 . नटवर लाल का इंटरव्यूइस एपीसोड में हम सुनेंगे की क्या जवाब दिए नटवर लाल ने जब उससे सवाल पूंछें गए। कुछ ऐसी बातें जो हमें सोचने पर मजबूर कर देंगी की नटवर लाल एक अच्छा व्यक्ति था या नहीं ? More | 03 min 33 sec | |||
8 . मृत्यु को भी धोखा दिया?वर्ष 2009 में जब उनके वकील ने कोर्ट से कहा कि क्यों ना अब नटवरलाल के ऊपर लंबित सभी 100 से ज्यादा मामलों को ख़त्म कर दिया जाये, क्योंकि 25 दिसंबर, 2009 को नटवरलाल की मृत्यु हो चुकी है. इस पर नटवरलाल के भाई ने विरोध करते हुए कहा था कि उनके ऊपर तो सभी केस 14 साल पहले ही ख़त्म कर दिए जाने चाहिए थे, क्योंकि उन्होंने खुद अपने भाई का अंतिम संस्कार 1996 में कर दिया था। अभी तक नटवरलाल की मृत्यु के बारे में कुछ भी निश्चित खबर नहीं है। More | 02 min 12 sec | |||
9 . डा. राजेंद्र प्रसाद से मुलाक़ातएक बार उसके पड़ोस के गाँव में उस समय के राष्ट्रपति डा. राजेन्द्र प्रसाद आये हुए थे। नटवर लाल को डा. राजेंद्र प्रसाद से मिलने का मौका मिला। नटवर लाल ने उनके सामने भी अपने हुनर का प्रदर्शन किया और राष्ट्रपति के भी हुबहू हस्ताक्षर करके सबको हैरान कर दिया। नटवरलाल ने राष्ट्रपति से कहा कि यदि आप एक बार कहें तो मैं भारत के ऊपर विदेशियों का पूरा कर्ज चुका सकता हूं और वापस कर उन्हें भारत का कर्जदार बना सकता हूँ। More | 02 min 38 sec |
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